Agnishikha Yuva Sammelan: अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी इशिका चौधरी बोलीं- युवतियां चुनौतियों से घबराएं नहीं, साहस से बढ़ें आगे
इस सम्मेलन में युवतियों की सामाजिक भूमिका, राष्ट्र निर्माण, भारतीय संस्कृति और पंच परिवर्तन के विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया।
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 04:42:33 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 04:43:04 PM (IST)
मंच से अपनी बात रखतीं इशिका चौधरी। नईदुनियाHighLights
- साहस और आत्मविश्वास का दिया संदेश
- सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से सावधान रहने की अपील
- अधिकारों के साथ कर्तव्यों के पालन पर जोर
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की ओर से महानगर का अग्निशिखा युवती सम्मेलन राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय स्थित दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित किया गया। इस एक दिवसीय सम्मेलन में युवतियों की सामाजिक भूमिका, राष्ट्र निर्माण, भारतीय संस्कृति और पंच परिवर्तन के विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया।
चुनौतियों का डटकर मुकाबला करें युवा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं राज्य महिला हॉकी अकादमी की सदस्य इशिका चौधरी ने कहा कि जीवन में कितनी भी कठिन परिस्थितियां आएं, युवतियों को उनसे घबराने के बजाय साहस और आत्मविश्वास के साथ उनका मुकाबला करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने इस सम्मेलन को युवतियों की आंतरिक क्षमता को पहचानने और उन्हें जागरूक करने की एक बेहतर पहल बताया।
सोशल मीडिया से सतर्क रहने की जरूरत
विशिष्ट अतिथि एवं अभाविप की राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा ने कहा कि समाज में कुछ विरोधी विचारधारा के लोग सभ्य समाज को आहत करने के लिए इंटरनेट मीडिया के एल्गोरिथम का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे में युवतियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली हर सामग्री के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने आह्वान किया कि किसी भी सूचना को बिना विवेक के स्वीकार करने के बजाय उसकी सत्यता को समझें और सकारात्मक विचारों को आगे बढ़ाएं।
अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन जरूरी
शासकीय अधिवक्ता एवं विशिष्ट अतिथि मोनिका मिश्रा ने कहा कि हम अक्सर अपने अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन कर्तव्यों को भूल जाते हैं। राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य और कुटुंब प्रबोधन जैसे पंच परिवर्तन के पांचों विषयों को अपने जीवन में अपनाने पर बल दिया।
विविध गतिविधियों का हुआ आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह एकत्रीकरण के साथ हुई, जिसके बाद उद्घाटन सत्र, साइबर सुरक्षा पर चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सम्मेलन में स्त्री शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे गंभीर विषयों पर भी संवाद हुआ। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।