
भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के मगरधा रोड पर बैरागढ की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए आठ वर्षीय मासून ने शुक्रवार को इलाज के दौरान दम तोङ दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल हाेने के बाद से भोपाल के एम्स में मासूम का इलाज चल रहा था।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मगरधा रोड पर बैरागढ में हुए हादसे में पत्थर लगने से मासून आशीष राजपूत (8 वर्ष) और उसके पिता संजय राजपूत घायल हो गए थे। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद नर्मदापुरम के अस्पताल में रेफर किया गया था। यहां से आशीष की हालत में सुधार नहीं होने के कारण भोपाल के एम्स में भर्ती कराया गया था। जहां पर शुक्रवार को आशीष ने दम तोङ दिया।
बताया जा रहा कि हादसे के दौरान आशीष व्हील चेयर पर बैठे अपने पिता संजय को धकेलकर ले जा रहा था। इसी दौरान पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट से उछला पत्थर उन्हें आकर लगा। जिससे दोनों पिता-पुत्र घायल हो गए थे।
बेटे की मौत के बाद नर्मदापुरम के नर्मदा अस्पताल से पिता संजय राजपूत को डिस्चार्ज किया गया। नर्मदा अस्पताल के मनोज सारन ने बताया कि मासूम आशीष को एक दिन पहले ही एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया था। उसके सिर व चेहरे पर पत्थर लगा था। शुक्रवार को आशीष के निधन की सूचना मिलने के बाद संजय राजपूत अपना इलाज अधूरा छोड़कर स्वजनों के साथ चले गए।

एम्स के पीआरओ केडी शुक्ला ने बताया कि बच्चे को गंभीर स्थिति में ही मंगलवार शाम को भर्ती किया गया था। उसको सर और पेट पर गंभीर चोटें आई हुई थी। मंगलवार देर रात को उसका आक्सीजन सेचुरेशन कम होने के कारण उसे वेंटिलेटर की जरुरत पड़ने लगी थी। शुक्रवार को सुबह से बच्चे की स्थिति नाजुक बनी हुई थी। दोपहर को उसने दम तोड़ दिया।