• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • हरदा

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरदा ब्लास्ट: दिव्यांग पिता को बचाने की कोशिश में घायल हुआ था 8 साल का बालक, हारा जिंदगी की जंग

Harda Blast News हरदा हादसे में घायल एक और बच्चे की मौत हो गई। अब तक आधिकारिक आंकड़ें के अनुसार 13 लोगों की मौत हुई है।

By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 06:05:08 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Feb 2024 06:24:55 PM (IST)
हरदा ब्लास्ट: दिव्यांग पिता को बचाने की कोशिश में घायल हुआ था 8 साल का बालक, हारा जिंदगी की जंग
पिता को बचाने में घायल हुआ था आशीष

HighLights

  1. पटाखा अग्निकांड में 13वीं मौत, मासून ने एम्स में दम तोङा
  2. पिता को बचाने में हुआ था घायल
  3. बेटे के अंतिम संस्कार के लिए नर्मदापुरम अस्पताल से ली छुट्टी

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के मगरधा रोड पर बैरागढ की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए आठ वर्षीय मासून ने शुक्रवार को इलाज के दौरान दम तोङ दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल हाेने के बाद से भोपाल के एम्स में मासूम का इलाज चल रहा था।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मगरधा रोड पर बैरागढ में हुए हादसे में पत्थर लगने से मासून आशीष राजपूत (8 वर्ष) और उसके पिता संजय राजपूत घायल हो गए थे। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद नर्मदापुरम के अस्पताल में रेफर किया गया था। यहां से आशीष की हालत में सुधार नहीं होने के कारण भोपाल के एम्स में भर्ती कराया गया था। जहां पर शुक्रवार को आशीष ने दम तोङ दिया।


पिता को बचाने में हुआ था जख्मी

बताया जा रहा कि हादसे के दौरान आशीष व्हील चेयर पर बैठे अपने पिता संजय को धकेलकर ले जा रहा था। इसी दौरान पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट से उछला पत्थर उन्हें आकर लगा। जिससे दोनों पिता-पुत्र घायल हो गए थे।

naidunia_image

बेटे की मौत के बाद नर्मदापुरम के नर्मदा अस्पताल से पिता संजय राजपूत को डिस्चार्ज किया गया। नर्मदा अस्पताल के मनोज सारन ने बताया कि मासूम आशीष को एक दिन पहले ही एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया था। उसके सिर व चेहरे पर पत्थर लगा था। शुक्रवार को आशीष के निधन की सूचना मिलने के बाद संजय राजपूत अपना इलाज अधूरा छोड़कर स्वजनों के साथ चले गए।

naidunia_image

एम्स के पीआरओ केडी शुक्ला ने बताया कि बच्चे को गंभीर स्थिति में ही मंगलवार शाम को भर्ती किया गया था। उसको सर और पेट पर गंभीर चोटें आई हुई थी। मंगलवार देर रात को उसका आक्सीजन सेचुरेशन कम होने के कारण उसे वेंटिलेटर की जरुरत पड़ने लगी थी। शुक्रवार को सुबह से बच्चे की स्थिति नाजुक बनी हुई थी। दोपहर को उसने दम तोड़ दिया।