हरदा। नवदुनिया प्रतिनिधि
नगर में अभी भी अवैध कॉलोनियों की भरमार है, लेकिन अभी तक इन अवैध कॉलोनियों को वैध नहीं किया जा सका है। इसके अलावा आए दिन कृषि भूमि पर कालोनी के नाम पर भूखंड काट कर बिना डायवर्सन के बेचे जा रहे है। जिसके तहत लोगों ने किसी तरह रुपये जोड़कर इन कॉलोनियों में प्लाट तो खरीद लिए, लेकिन अब न तो यहां सुविधाएं मिल रही हैं और न ही नगर पालिका मकान निर्माण की अनुमति। अवैध कॉलोनियों के कारण लोग परेशान हैं। सुविधाओं के अभाव में लोग रह रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने इन कॉलोनियों में प्लाट तो ले रखे हैं लेकिन अभी मकान नहीं बनाए हैं। ऐसे लोगों की परेशानी बढ़ गई हैं। जिन लोगों को लोन चाहिए उन्हें इसके लिए नगरपालिका की परमिशन की जरूरत होगी। लेकिन अवैध कॉलोनियों के लिए न तो नपा भवन निर्माण की परमिशन देती है और न ही बैंक लोन देते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हांलाकि नगर पालिका ने शहर में 28 कालोनियों को वैध करने की कार्रवाई की थी, लेकिन 2020 में मप्र नगरपालिका (कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बंधन तथा शर्तें) नियम, 1998 में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए किया गया संशोधन 15 (क) विलोपित कर दिया है। इसके बाद से अवैध कालोनियों के वैध होने का रास्ता बंद हो गया।
अवैध कालोनियों में नहीं मिलती यह सुविधा
1. नगर पालिका से भवन निर्माण की अनुमति नहीं मिलती।
2. प्लॉट और मकान पर बैंकों से फाइनेंस की सुविधा नहीं मिलती।
3. कॉलोनी के अवैध होने पर अचल संपत्ति गिरवी नहीं रख सकते।
4. अवैध कॉलोनी में पानी निकासी का निर्माण नहीं किया जा सकता।
यह है नियम
नगर पालिका(कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बंधन एवं शर्त) नियम 1998 की धारा 15(ग) के अंतर्गत अवैध कॉलोनी का निर्माण करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधि के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा अभी तक एक भी अवैध कालोनी के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हांलाकि शहर के इतिहास में पहली बार तात्कालीन कलेक्टर अनय द्विवेदी ने शहर में अलकापुरी कालोनी को शून्य घोषित करने की कार्रवाई की थी।
लोगों ने बताई अपनी समस्याएं
1. सुदामा नगर के रहने वाले जीवन सिंह कुंभरे ने बताया कि कालोनी अवैध होने के कारण आसपास के खाली प्लाटों में गंदा पानी भरा रहता है। जिसके खिलाफ आज तक प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण आए दिन परेशानी होती है।
2. शहर के पैरासिटी कालोनी में रहने वाले दिनेश सोनी ने बताया कि आधी कालोनी अवैध और आधी वैध है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी हो है। वहीं नगर पालिका भी इस क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं करा रही है। लोगों को मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल रही है।
3. विकास नगर की रहने वाले गोविंद शर्मा ने बताया कि पानी के लिए टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता है। यदि कालोनी वैध होती तो पानी की समस्या दूर हो सकती थी। लेकिन अवैध कालोनी के कारण यहां पर नगर पालिका द्वारा भी कोई विकास कार्य नहीं किया गया।
वर्जन
शहर की अवैध कॉलोनियों की जानकारी मंगाई गई है। जिन कॉलोनियों का पंजीयन रेरा में नहीं कराया गया है। उनकी भी जानकारी मांगी है। अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए शासन की निर्देशों पर कार्रवाई की जाएगी।
-संजय गुप्ता, कलेक्टर, हरदा