नईदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। एक दिन पहले करणी सेना पर हुए लाठीचार्ज के बाद जिले में भय का माहौल है। सोमवार सुबह श्रीकरणी राजपूत सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर सहित तीन अन्य पदाधिकारियों को सशर्त जेल से रिहा कर जिले की सीमा से बाहर छोड़ा गया। इसके कुछ घंटे बाद चौदह अन्य युवाओं को जेल से छोड़ा गया।
जेल से रिहा होते ही शेरपुर ने चलती कार से ही एक वीडियो जारी कर करणी सेना को संबोधित किया। शेरपुर ने कहा कि यह लड़ाई अब कानूनी रूप से लड़ी जाएगी। पुलिस और प्रशासन ने जो कार्रवाई की वह पूरी तरह गलत थी। अधिकारी यह चाहते थे कि हम कोई गलती करे और हम पर केस किया जा सके, लेकिन हमने धैर्य का परिचय दिया। पुलिस की लाठियां खाई लेकिन किसी भी करणी सैनिक ने कानून अपने हाथ में नहीं लिया। उन्होंने कहा कि जो करणी सैनिक हरदा आ रहे हैं वह सुरक्षित रूप से अपने घर लौट जाएं।
जीवन सिंह शेरपुर आगे कहा कि करणी सेना परिवार से चर्चा कर आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म से बड़े आंदोलन की सूचना और तिथि बताई जाएगी। अब यह लड़ाई बड़े स्तर पर लड़ी जाएगी। जो भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी है उन पर कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी। एक दिन पहले हुए लाठी चार्ज और शहर में जगह जगह पुलिस तैनात करने के बाद सोमवार सुबह से भी पुलिस की बैरिकेडिंग जारी रही। इंदौर रोड, खेड़ीपुरा खंडवा रोड, उड़ा रोड पर बैरिकेडिंग कर पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए। पुलिस ने चार पहिया वाहनों की जांच की।
राजपूत छात्रावास में करणी सेना और राजपूत समाज के लोगों को संबंधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह संबोधित करते हुए कहा कि करणी सेना के पांच निहत्थे लोगों को घेरकर पुलिस ने मारपीट की है। किसी आरोपित को ऐसे नहीं मारा गया होगा जिस तरह करणी सैनिकों को मारा गया। मैं करणी सेना का सदस्य नहीं हूं, लेकिन करणी सेना के अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं पर जो जुल्म किया गया है मैं उसका विरोध करता हूं। मेरी खुद जीवन सिंह शेरपुर से बात हुई तो उन्होंने कहा कि उन्हें अधिकारी खुद लेने आए।
अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को समझाकर चक्काजाम समाप्त कराया जाए। जब मैं वहां पहुंचा तो कार से उतरते से ही मुझ पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी गई। इसी तरह राधोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा हरदा में जो घटना घटी है वह बहुत ही दु:खद है निंदनीय है। आज से दो दिन पहले हरदा का एक युवा आशीष राजपूत जिसका किसी अन्य व्यक्ति के साथ लेनदेन को लेकर विवाद हुआ, उसको न्याय नहीं मिला। प्रशासन द्वारा उसके साथ न्याय नहीं हुआ है। हर युवा और किसी के पास भी न्याय पाने का अधिकार रहता है। हरदा का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। कहीं पर भी करणी सेना या राजपूत समाज ने हिंसा नहीं की।
दिग्विजय सिंह मेरी बात जीवन सिंह शेरपुर से भी हुई। हरदा में जैसे ही वह कार से बाहर निकलते हैं उन पर लाठीचार्ज कर दिया जाता है। पुलिस ने बेरहमी से उन पर लाठियां बरसाई। करणी सेना के कई युवाओं से मेरी बात हुई है। जेल में भी उनके साथ मारपीट की गई है। राजपूत समाज में एक शोक सभा के लिए लोग जुटे थे, जहां पर भी पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वार्डन की एक बिटिया रोती दिख रही है। क्योंकि उसके स्वजनों से भी मारपीट हुई है। कई युवाओं को शरीर में फ्रैक्चर आया है। मैं आज एसपी हरदा से पूछना चाहूंगा कि जो युवा अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे थे उन पर लाठीचार्ज क्यों किया गया। जो भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी हैं उन पर एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। इसके फलस्वरूप, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 अर्थात पूर्व सीआरपीसी की धारा 144 के तहत एक जगह पर व्यक्तियों के एकत्रित होने पर लगाया गया प्रतिबंधात्मक आदेश निरस्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के उद्देश्य से, 13 जुलाई को सड़क मार्ग अवरुद्ध करने वाले व्यक्ति, जिन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया था अब रिहा किए जा रहे हैं।