
हरदा। बुधवार को लावारिस अवस्था में मिले 2 बच्चों के मामले में नया खुलासा हुआ है। बच्चों के माता-पिता ने अपना कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए बच्चों को पैसे लेकर भेड़ वाले गडरियों को एक साल के लिए किराए पर दिया था। असिंचित खेती को सिंचित करने के लिए खेतों में नलकूप कराने के लिए पैसे की कमी को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
जानकारी के अनुसार खरगोन जिले के मोहनपुरा निवासी लालसिंह भिलाला 3 एकड़ का किसान है, जिसकी खेती असिंचित है। लालसिंह के अनुसार खेतों में मूंगफली और मक्का की बोवनी की गई। जमीन को सिंचित करने के लिए पैसे नहीं थे। पहले से ही साहुकार और रिश्तेदारों का 1 लाख रूपए से ज्यादा कर्ज है।
जिसका ब्याज चुकाने के लिए बच्चों को राजस्थानी गडरियों को एक साल के अनुबंध पर दिया। लालसिंह के कुल 4 बच्चे हैं, जिसमें सबसे छोटे 2 उसके पास हैं। जबकि 2 को रक्षाबंधन पर 35 हजार रूपए में किराए पर दिया।
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जिसमें एक भेड़ वालों के चंगुल से भागकर हरदा आया,जबकि दूसरा अभी भी उनके पास है। एक अन्य 13 वर्षीय बालक को उसके सगे बड़े भाई ने किराए पर दिया, उसकी आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है। तीन एकड़ का किसान सुनील का कहना है कि वह भी कर्ज के बोझ में दबा है और खेत को सिंचित बनाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।
पढ़ना चाहते हैं बच्चे
एक नाबालिग किशोर की उम्र 11 वर्ष और दूसरे की 13 वर्ष है। दोनों बच्चे पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाई की जगह काम करने के लिए किराए पर दिया गया। रात और दिन काम करने के साथ ही जब प्रताड़ना मिली तो बच्चे डेरा से भाग निकले।
11 साल का बालक तीसरी पढ़ा हुआ और 13 साल का बालक पांचवी पढ़ा हुआ है। घटना से डरे-सहमे बालकों को फिलहाल चाईल्ड लाईन के पास रखा है। बच्चों के पिता लालसिंह और माता मणि बाई ने बताया कि मजबूरी के कारण बच्चों को किराए पर दिया है। बच्चों की याद भी बहुत आती थी, इसके लिए उनसे महीने में एक या दो बार मिलने भी जाते थे।
क्या है मामला?
भेड़ चराने वालों के पास से भागकर हरदा आए बच्चों ने बताया कि उनके साथ मारपीट होती रहती थी और भरपेट भोजन भी नहीं मिलता था। प्रताड़ना से तंग आकर वह भाग निकले। रेलवे की पटरी-पटरी चलते हुए हरदा पहुंचे। जहां से चाईल्ड लाईन को भेजा गया।
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बच्चों को गुरूवार को बाल न्यायालय में पेश किया गया। जहां उनके माता-पिता को भी बुलाया गया। दोनों पक्षों से चर्चा कर बयान लिए और तीन अलग-अलग रिपोर्ट मंगाई। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष वेद विश्नोई ने बताया कि यह मामला गंभीर है, जिसके लिए संबंधितों से प्रतिवेदन मंगाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चाईल्ड लाईन से जुड़े विष्णुु जायसवाल ने बताया कि बच्चों के साथ काउंसलिंग की जा रही है। बीते साल भी जिले में 4 बच्चे इसी प्रकार के मिले थे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामला बेहद गंभीर है, हमने संबंधित गडरियों की तलाश के लिए पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए हैं। अभी एक बालक उनके कब्जे में और है। संबंधित दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।
- रजनीश श्रीवास्तव कलेक्टर, हरदा
जानकारी में नहीं
यह मामला अभी हमारी जानकारी में नहीं है। मैं तत्काल इस संबंध में जानकारी प्राप्त करता हूं। अभी तक ऐसे कोई मामले हमारे पास नहीं आए।
- नीरज दुबे, कलेक्टर खरगोन