हरदा अस्पताल के गेट पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म, सफाईकर्मी और गार्ड ने कराई डिलीवरी; जननी एक्सप्रेस न मिलने का आरोप
अस्पताल के गेट पर पहुंचते ही महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और वह वहीं गिर गई। काफी देर तक महिला के गेट पर पड़े रहने के बाद महिला गार्ड और सफाईकर्मी ने त...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 10:47:18 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 10:47:18 PM (IST)
महिला की हालत को देखते हुए अस्पताल के गेट पर ही महिला गार्ड और महिला सफाईकर्मी की मदद से प्रसव कराया गया। नईदुनिया।HighLights
- हरदा जिला अस्पताल के गेट पर प्रसव पीड़ा से परेशान प्रसूता गिर गई
- महिला गार्ड और सफाईकर्मी की मदद से वहीं कराया गया प्रसव
- जननी एक्सप्रेस के लिए फोन किया पर समय पर वाहन नहीं पहुंचा
नईदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। संस्थागत प्रसव बढाने के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के सारे दावों की गुरुवार को पोल खुल गई। जैसे-तैसे निजी वाहन से प्रसूता को जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां पर भी सुरक्षित प्रसव कराने के प्रयास नहीं किए गए। प्रसूता का प्रसव जिला अस्पताल के गेट पर कराया गया। जहां प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया।
जिला अस्पताल में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला अस्पताल के गेट पर ही गिर गई। महिला की हालत को देखते हुए अस्पताल के गेट पर ही महिला गार्ड और महिला सफाईकर्मी की मदद से प्रसव कराया गया।
समय पर नहीं पहुंचा जननी वाहन
जानकारी के अनुसार कनारदा खारपा निवासी सरस्वती पति हरवान सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर स्वजन निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। स्वजनों के मुताबिक उन्होंने जननी एक्सप्रेस के लिए फोन किया था, लेकिन समय पर वाहन नहीं पहुंच सका। इसके बाद खेत मालिक की कार से महिला को अस्पताल लाया गया।
गेट पर हुआ प्रसव
अस्पताल के गेट पर पहुंचते ही महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और वह वहीं गिर गई। काफी देर तक महिला के गेट पर पड़े रहने के बाद महिला गार्ड और सफाईकर्मी ने तत्परता दिखाते हुए वहीं प्रसव कराया।
महिला की यह पहली डिलीवरी बताई जा रही है। स्वजन ने समय पर जननी एक्सप्रेस नहीं पहुंचने को लेकर सवाल उठाए हैं।
प्रसूता के स्वजनों ने जननी एक्सप्रेस पर कॉल ही नहीं किया है। इस संबंध में वाहन मालिक से भी बात की। उन्होंने बताया कि 108 पर फोन नहीं किया है। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। -डॉ. एचपी सिंह, सीएमएचओ, हरदा