
नईदुनिया प्रतिनिधि, नर्मदापुरम। बालागंज क्षेत्र में जुआ पकड़ने गई पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक जुआरी की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्वजन और समाजजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने और तबीयत बिगड़ने के बाद उसे मौके पर अकेला छोड़कर जाने के आरोप लगाए।
सोमवार देर रात स्वजन शव को एंबुलेंस में रखकर कोतवाली थाने पहुंचे। यहां शव रखी गाड़ी बीच सड़क पर खड़ी कर दी और जुआ पकड़ने गई पुलिस टीम के चार कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की। रात 12:30 बजे तक थाने के सामने सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा रही और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होती रही।
जानकारी के मुताबिक मृतक नासिर को पहले भी हार्ट अटैक आ चुका था और उसकी बायपास सर्जरी भी हुई थी। उसका इलाज चल रहा था। फिलहाल, मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
थाने के घेराव की सूचना पर एएसपी अभिषेक राजन, एसडीओपी जितेंद्र पाठक और सिटी कोतवाली टीआई गौरव सिंह बुंदेला समेत अन्य थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने थाने के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की।
एएसपी अभिषेक राजन ने परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कराने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मर्चुरी रूम में ले गए। सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कर शव को स्वजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने बताया कि जुआ फड़ संचालित होने की सूचना पर पुलिस टीम को भेजा गया था। दबिश के दौरान आरोपी भागने लगे, जिनमें से पांच को पकड़ा गया। पकड़े गए आरोपितों में शराफत अली, छोटे राम, हैदर कुरैशी, इमरान खान, जुनैद खान और नासिर अली शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक सूचना थी कि मृतक नासिर जुआ खिला रहा था।
नासिर के खिलाफ जुआ, मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत कुल 18 अपराध दर्ज हैं। इनमें जुए के 11 मामले शामिल हैं। वहीं मृतक के स्वजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मी नासिर को मौके पर छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि तबीयत बिगड़ने के बाद वह करीब 10 से 15 मिनट तक मौके पर पड़ा रहा। बाद में वहां मौजूद लोगों ने उसे उठाकर निजी अस्पताल पहुंचाया।