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नर्मदापुरम: सड़क के लिए बच्चों और महिलाओं संग 50 किमी पैदल चले ग्रामीण; कलेक्ट्रेट गेट पर बनाई दाल-बाटी, किया सुंदरकांड

नानपा-कुल्हड़ा मार्ग की बदहाली से परेशान करीब 12 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण बच्चों और महिलाओं के साथ पैदल नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट पहुंचे।

By Rajendra singh pariharEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Fri, 11 Sep 2026 10:03:08 PM (IST)Updated Date: Fri, 11 Sep 2026 10:03:08 PM (IST)
नर्मदापुरम: सड़क के लिए बच्चों और महिलाओं संग 50 किमी पैदल चले ग्रामीण; कलेक्ट्रेट गेट पर बनाई दाल-बाटी, किया सुंदरकांड
नर्मदापुरम में शुक्रवार देर रात तक कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठे ग्रामीण। नईदुनिया।

HighLights

  1. 50 किमी पैदल चलकर नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण
  2. 12 गांवों के सैकड़ों बच्चों और महिलाओं ने गेट पर डाला डेरा
  3. सड़क की मांग, गेट पर बनाई दाल-बाटी और सुंदरकांड किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, नर्मदापुरम। टिगरिया से आंवलीघाट को जोड़ने वाला नानपा-कुल्हड़ा मार्ग चार साल से अधिक समय से बदहाल है। सड़क की दुर्दशा से परेशान करीब 12 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण शुक्रवार शाम को लगभग 50 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।

इनमें बच्चे, महिलाएं और युवा भी शामिल रहे। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट गेट पर देर रात तक डेरा डाले रखा और कलेक्टर से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे।

गेट पर डाला डेरा, बनाई दाल-बाटी

कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाने और मांग पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। उन्होंने गेट पर ही सुंदरकांड किया और दाल-बाटी बनाकर विरोध दर्ज कराया।


ग्रामीणों का कहना है कि बदहाल सड़क से करीब 12 गांवों के दो हजार से अधिक लोगों के साथ नर्मदा परिक्रमावासियों को भी परेशानी हो रही है। सड़क पर बड़े-बड़े पानी से भरे गड्ढे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।

ओवरलोड वाहनों ने खराब की सड़क

ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से लंबे समय से रेत के ओवरलोड डंपर गुजरने के कारण सड़क की हालत और खराब हुई है। बताया गया कि क्षेत्र में पहले अवैध रेत खनन और क्षमता से अधिक ओवरलोड वाहनों के परिवहन के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई थी।

इसी वजह से सड़क निर्माण की अनुमति लंबे समय से अटकी हुई थी। अब खदानों के वैध होने के बाद सड़क निर्माण को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

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खदान वैध होने से सड़क निर्माण की राह खुली

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना की महाप्रबंधक साक्षी पटेल ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग से संबंधित दस्तावेज शासन स्तर पर विभागीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

शुक्रवार को ही नानपा और कजलवास की नई रेत खदानों को वैध घोषित किया गया है। इसके दस्तावेजों के आधार पर सड़क निर्माण के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।