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ढाई लाख पेड़ बदलेंगे इंदौर शहर की हवा, निर्माण में दो एजेंसियों ने दिखाई रुचि, राऊ क्षेत्र में बनेगा सिटी फॉरेस्ट

शहर में कंक्रीट के बढ़ते जंगल के बीच अब ढाई लाख पेड़ों का असली जंगल आकार लेगा। शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) राऊ स्थित स...और पढ़ें

By prem jatEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 08:31:09 AM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 08:31:09 AM (IST)
ढाई लाख पेड़ बदलेंगे इंदौर शहर की हवा, निर्माण में दो एजेंसियों ने दिखाई रुचि, राऊ क्षेत्र में बनेगा सिटी फॉरेस्ट
इंदौर में बनेगा सिटी फॉरेस्ट। -एआई इमेज

HighLights

  1. बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रख एजेंसी तय की जाएगी
  2. वर्तमान में इंदौर में करीब 17.5 प्रतिशत हरित क्षेत्र है
  3. पार्क में विभिन्न गतिविधियों के साथ ही ढाई लाख पेड़ हरियाली बढ़ाएंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर में कंक्रीट के बढ़ते जंगल के बीच अब ढाई लाख पेड़ों का असली जंगल आकार लेगा। शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) राऊ स्थित स्कीम-97 पार्ट-4 में करीब 42 एकड़ जमीन पर नगर वन (सिटी फॉरेस्ट) विकसित करेगा।

इसके निर्माण के लिए दो एजेंसियों ने रुचि दिखाई हैं। आगामी बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा और एजेंसी तय होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। जिससे यह क्षेत्र शहर के लिए बड़े प्राकृतिक हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा।


वर्तमान में इंदौर में करीब 17.5 प्रतिशत हरित क्षेत्र हैं और सिटी फॉरेस्ट के बनने के बाद इसमें एक प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। पार्क में विभिन्न गतिविधियों के साथ ही ढाई लाख पेड़ हरियाली बढ़ाएंगे। इससे करीब पांच हजार से छह हजार मीट्रिक टन कार्बन डाइआक्साइड अवशोषित करने की क्षमता विकसित हो सकेगी।

इससे वायु गुणवत्ता सुधारने, तापमान नियंत्रित करने और शहर में प्राकृतिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।यहां पर नीम, जामुन, आम, आंवला, चिकू, बेल, गोंदी, शहतूत, अर्जुन, सिरास सहित 26 तरह के पेड़ लगाए जाएंगे। जो पर्यावरण को तो शुद्ध करेंगे ही फल और औषधि के काम भी आएंगे। आईडीए सीइओ परीक्षित झाड़े का कहना हैं कि सिटी फारेस्ट का जल्द निर्माण शुरू किया जाएगा। इसके लिए दो एजेंसियों के टेंडर मिले हैं। इसका प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।

8.5 एकड़ में मियावाकी वन

सिटी फॉरेस्ट में करीब 8.5 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से सघन पौधारोपण किया जाएगा। इसके अलावा करीब 3.5 एकड़ में सामान्य घना वन क्षेत्र विकसित होगा। पूरे परिसर की सुरक्षा और हरियाली को संरक्षित रखने के लिए करीब 2.27 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी।

यह परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। यहां करीब 3,234 वर्गमीटर क्षेत्र में जलाशय विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक जल प्रवाह को बनाए रखने के साथ 4.5 मीटर चौड़े बायोस्वेल और प्राकृतिक नालों की व्यवस्था की जाएगी।जिससे बारिश के पानी का बेहतर प्रबंधन होगा।

मनोरंजन के लिए भी होगी सुविधाएं

सिटी फॉरेस्ट में नवग्रह वाटिका, ओपन जिम, बच्चों के लिए ऊंचा प्ले एरिया, योग एवं ध्यान क्षेत्र, फूड स्टाल और वाचटावर जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। लोगों के लिए अलग-अलग प्रकार के ट्रैक भी बनाए जाएंगे। इनमें छह मीटर और 3.5 मीटर चौड़े वाकिंग ट्रैक, तीन मीटर चौड़े प्राकृतिक वाकिंग ट्रेल और साइकिल ट्रैक शामिल होंगे। इससे सुबह-शाम घूमने, व्यायाम और साइकिलिंग के लिए शहरवासियों को नया प्राकृतिक स्थान मिलेगा।

सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र से बाहर की तरफ करीब 1.2 एकड़ में व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यहां दुकानें और पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इससे वन क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना को प्रभावित किए बिना आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

कितने क्षेत्र में कौनसी सुविधाएं

  • 5348 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में पार्किंग
  • 32424 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में मियावाकी वन
  • 47178 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में सघन वन
  • 6789 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में पाथ वे रहेगा
  • 7074 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में प्लेग्राउंड एरिया।

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