
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शातिर साइबर ठगों ने एक तरह से इंदौर शहर के आमजन पर धावा बोल दिया है। पिछले महज 48 घंटों के भीतर डिजिटल ठगी के कुल 30 मामले सामने आए हैं, जिसने पुलिस प्रशासन और लोगों की नींद उड़ा दी है। शुक्रवार को 18 एफआईआर दर्ज होने के बाद शनिवार को 12 और पीड़ित अपनी शिकायत लेकर विभिन्न थानों में पहुंचे। शहर के आपराधिक इतिहास में यह संभवतः पहला मौका है, जब इतनी बड़ी संख्या में साइबर अपराध के प्रकरण एक साथ दर्ज किए गए हैं।
अपराधी हर दिन नए और हाईटेक तरीकों से लोगों को लाखों रुपयों की चपत लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि अब महज एक फोन कॉल रिसीव करने भर से बैंक खाता खाली होने की आशंका बढ़ गई है। शहर के एक युवक के साथ हुई हालिया वारदात में जालसाजों ने चंद मिनटों के भीतर उसके खातों से लाखों रुपये साफ कर दिए। ठगी की यह पूरी रकम 'म्यूल खातों' में ट्रांसफर की गई है।
मामले की सूक्ष्मता से तहकीकात कर रहे पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स का दावा है कि बिना किसी संदिग्ध लिंक या ओटीपी को साझा किए इतनी बड़ी राशि की निकासी संभव नहीं है। अधिकारियों का मानना है कि पीड़ितों द्वारा अनजाने में साझा की गई जानकारी ही ठगों के लिए हथियार बनी है। फिलहाल पुलिस इन 'म्यूल खातों' के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
केस-1: एक काल रिसीव किया और चार दिनों तक तीन खातों से उड़ते रहे रुपये एक निजी कंपनी में कार्यरत 35 वर्षीय अभिषेक करकरे एक रहस्यमयी साइबर हमले के शिकार हुए। 10 दिसंबर की दोपहर दो बजे एक अनजान नंबर से काल आया, जो रिसीव करते ही कट गया। तुरंत बाद उनके बैंक खातों से राशि निकलने का सिलसिला शुरू हो गया, जो चार दिनों तक जारी रहा। जालसाजों ने आइसीआइसीआइ बैंक खाते से पांच लाख 17 हजार, बैंक आफ इंडिया से 58 हजार 600 और एसबीएम वर्चुअल बैंक से 31 हजार 100 रुपये उड़ा दिए। कुल नो ट्रांजैक्शन के जरिए ठगी की यह रकम यूपीआइ आइडी और विभिन्न 'म्यूल खातों' में ट्रांसफर की गई।
केस-2: चार मैसेज आए और क्रेडिट कार्ड से कट गए एक लाख रुपये- प्रमोद मिथोरिया के साथ रात के वक्त डिजिटल लूट हुई। प्रमोद के मोबाइल पर रात करीब 8:30 बजे अचानक एक के बाद एक चार मैसेज आए। जब तक वह कुछ समझ पाते, साइबर अपराधियों ने उनके क्रेडिट कार्ड से एक लाख 800 रुपये की अवैध निकासी कर ली थी।
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केस-3: बिना ओटीपी और बिना लिंक क्लिक किए खाते से साफ हुए 1.53 लाख पूजा योगेंद्र पंवार के साथ हुई धोखाधड़ी ने सुरक्षा दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूजा का दावा है कि चार अगस्त 2025 को उनके खाते से एक लाख 53 हजार रुपये पार हो गए, जबकि उन्होंने न तो किसी के साथ ओटीपी साझा किया था और न ही किसी अनजान लिंक पर क्लिक किया था।