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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Road Accidents Indore: सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले 70 फीसदी युवा, तेजगति और लापरवाही हादसे का कारण

Road Accidents Indore: तीन साल में 997 मौंते, इनमें से 668 युवाओं ने गंवाई जान।

By sameer.deshpande@naidunia.comEdited By: sameer.deshpande@naidunia.com
Publish Date: Wed, 25 Nov 2020 06:30:00 AM (IST)Updated Date: Wed, 25 Nov 2020 06:30:00 AM (IST)
Road Accidents Indore: सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले 70 फीसदी युवा, तेजगति और लापरवाही हादसे का कारण

Road Accidents Indore, विपिन अवस्थी। इंदौर

सड़क दुघटनाओं में हर साल 70 फीसद युवा अपनी जान गंवा रहे हैं। इसका कारण है कि युवा लापरवाहीपूर्वक तेजगति से गाड़ियां चलाते हैं और दुर्घटनाओं को न्यौता देते हैं। सड़क दुर्घटना में मरने वालों में 40 से अधिक उम्र के लोगों की संख्या बहुत कम है। यातायात विभाग लगातार इस तरह के हादसों की समीक्षा कर उन्हें कम करने के प्रयास कर रहा है। बीते तीन सालों में 997 लोग सड़क हादसे में मौत के घाट उतरे हैं, इनमें 668 युवा हैं।

तीन साल में सबसे ज्यादा मौतें 2020 में हुई, जिनकी संख्या 347 है। विभाग ने कारण जाने तो पता चला कि जिन लोगों की भी मौत हुई वे गाड़ी चलाने में परिपक्व नहीं थे, कुछ ने नई गाड़ियां खरीदी थीं और कुछ दूसरों की गाड़ी से सफर करने निकले थे।


2018 से अक्टूबर 2020 तक 9194 हादसे हो चुके हैं। इसमें 8049 लोग घायल हुए, कई घायल ऐसे हैं, जो सड़क दुर्घटना के कारण गंभीर घायल हुए और अपना जीवन बेकार कर लिया। कई आज भी विस्तर पर हैं। यातायात विभाग लगातार ऐसे प्रयासों में जुटा है, जिससे कि हादसों को टाला जा सके। खासकर तेजगति से वाहन चलाने वाले युवाओं को रोककर उन्हें समझाइश दी जाती है। कईयों को सबक सिखाने के लिए चालानी कार्रवाई भी की जाती है। अब तक तेजगति से गाड़ी चलाने वाले युवओं के तीन सालों में पुलिस ने 595 चालान काटे हैं। यह कार्रवाई अब भी जारी है।

रडार गन व स्पीड गन से रख रहे निगरानी

यातायात विभाग के डीएसपी उमाकांत चौधरी के मुताबिक तेजगति से बाइक व चार पहिया चालने वाले वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए रडार गन व स्पीड गन का सहारा लिया जा रहा है। यदि कोई तेजगति से वाहन चलाते हुए दिखता है तो उसे रोककर उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। हालांकि विभाग में कुछ संसाधनों की कमी है, इसके बावजूद भी हादसे रोकने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

यातायात नियमों का उल्लंघन

यातायात विभाग इंदौर को ट्रैफिक में भी नंबर वन लाने के प्रयास में जुटा है। प्रत्येक स्थान पर जहां सिग्नल और अन्य किसी प्रकार की खामियां हैं, वहां पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सिग्नल व चौक चौराहों से गुजरते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है। ई-चालान के माध्यम से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं हेलमेट और सीट बेल्ट न बांधने वालों को रोककर जागरूकता अभियान भी चलाए हैं।

दुर्घटनाएं

2018- 3434

2019 - 3383

2020 - 2377

मौतें

2018 - 322

2019 - 328

2020 - 347

गंभीर घायल

2018 - 2954

2019- 2991

2020- 2104

तेजगति से वाहन चलाने वालों के चालान

2018 में 388

2019 में 58

2020 में 149