इंदौर। बहुमंजिला इमारतों में पेंट हाउस का उपयोग तो बिल्डिंग में रहने वालों के लिए केवल सर्विस फ्लोर के रूप में किया जा सकता है, लेकिन शहर की अधिकांश इमारतों में सारे नियम ताक में रख दिए गए हैं। कई रहवासी इमारतों में पेंट हाउस कमाई का जरिया बन गए हैं। कहीं होटल खुल गया है, तो कहीं गार्डन रेस्टॉरेंट और जिम बन गए हैं। कई बिल्डरों ने इन्हें बेच दिया है। पूरे शहर में अवैध रूप से लगभग 700 पेंट हाउस बन गए हैं। इन पर नगर निगम के अफसर भी मेहरबान हैं। तभी तो कलेक्टर के बार-बार पत्र लिखने के बावजूद अब तक अवैध पेंट हाउस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
निगम ने पेंट हाउस के लिए परमिशन तो बंद कर रखी है, लेकिन अफसरों की शह पर पूरे शहर में पेंट हाउसों का उपयोग व्यावसायिक तौर पर हो रहा है। बिल्िडगों के टॉप पर भवन मालिकों द्वारा अवैध रूप से पेंट हाउस बनाने की शिकायत कलेक्टर आकाश त्रिपाठी को भी मिली। इसे लेकर कलेक्टर ने आठ माह में तीन बार अवैध पेंट हाउस की जांच और कार्रवाई के लिए निगम कमिश्नर राकेशसिंह को लिखा। पर ताज्जुब की बात है कि आठ माह में अब तक आठ पेंट हाउस पर भी निगम ने कार्रवाई नहीं की।
कलेक्टर ने कमिश्नर को कब-कब लिखी चिठ्ठियां
तारीख मजमून
2 जून, 14 इंदौर शहर में भवन मालिकों ने कई बिल्डिंगों के टॉप फ्लोर पर अवैध पेंट हाउस का निर्माण किया है। जांच कराएं और अवैध पेंट हाउस के खिलाफ कार्रवाई कर 15 दिन में बताएं।
27 सितंबर, 14 शिकायत मिली है कि बंगाली चौराहे के पास शुभ-लाभ वैली की कुल आठ बिल्िडगों में अवैध पेंट हाउस किराए पर दिए गए हैं। कुछ अवैध रूप से बेच दिए गए हैं। इन इमारतों की जांच और कार्रवाई कर 15 दिन में रिपोर्ट पेश करें।
8 दिसंबर, 14 स्वीकृत नक्शे के विपरीत किए गए निर्माण और अवैध उपयोग के बारे में भवन अधिकारियों से रिपोर्ट आने के बाद सिटी इंजीनियर ने पेंट हाउस, टैरेस फ्लोर के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मंशा जाहिर की थी। अब तक किस-किस प्रकार की वैधानिक कार्रवाई की गई है।
नियम तो यह है
- सरकारी नियमों के मुताबिक, बिल्िडग के मेंटेनेंस के लिए इसके टॉप पर पेंट हाउस बनाया जा सकता है। इसमें लेबर रूम, इलेक्ट्रिक रूम या टूल रूम जैसा छोटा-सा कमरा बनाया जा सकता है।
- पेंट हाउस के लिए रूफ टॉप का एक तिहाई हिस्सा ही उपयोग किया जा सकता है, बाकी खुला छोड़ा जाना चाहिए।
- वास्तव में सालों पहले पेंट हाउस का कांसेप्ट इसलिए आया था कि बिल्िडग में रहने वालों के लिए लाइब्रेरी या पढ़ने के लिए एकांत के रूप में होना चाहिए। शासन ने बिल्िडग के रहवासियों के हित को देखते हुए इसकी परमिशन दी थी।
नीयत खराब हुई तो परमिशन बंद
- जब पेंट हाउस को लेकर बिल्डरों की नीयत खराब होने लगी तो नगरीय प्रशासन विभाग ने इसकी परमिशन ही बंद कर दी।
- वर्ष 2008 के मास्टर प्लान के बाद से इंदौर नगर निगम ने भी पेंट हाउस की परमिशन देनी बंद कर दी।
- इस समय निगम में पेंट हाउस की परमिशन बिल्कुल बंद है। इसके बावजूद शहर के चारों ओर बहुमंजिला इमारतों में मजे से पेंट हाउसों का कमर्शियल उपयोग देखा जा सकता है।
इस इलाके में सर्वाधिक पेंट हाउस
पलासिया, विजय नगर, भंवरकुआं, अन्नपूर्णा क्षेत्र, बंगाली चौराहा जैसे कई इलाकों में बहुमंजिला इमारतों में पेंट हाउस बन गए हैं। इनकी कोई परमिशन भी नहीं है।
शहर में बने अवैध पेंट हाउस के लिए नगर निगम को लिखा जा चुका है। इस मामले में निगम को ही कार्रवाई करनी चाहिए। अवैध रूप से बने पेंट हाउस तोड़ने चाहिए। - आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर
कमिश्नर से सीधी बात
शहर में कई पेंट हाउस अवैध हैं?
- हां, यह गलत है। पेंट हाउस का व्यावसायिक उपयोग नहीं होना चाहिए।
नगर निगम ने इसकी कोई जांच की है? कितने पेंट हाउस अवैध हैं?
- हां, करवाई है। एक सूची भी बनी है। फिलहाल मुझे याद नहीं है।
अवैध पेंट हाउस पर आपने क्या कार्रवाई की है?
- कर रहे हैं। हमारे सिटी इंजीनियर इसे देख रहे हैं।
आपको कलेक्टर साहब ने भी कार्रवाई के लिए लिखा है? अब तक क्या हुआ?
- अभी बोलने की स्थिति में नहीं हूं। नोटिस जारी होंगे, जवाब आएंगे, आदेश पारित करना पड़ेगा। प्रोसेस फालो करनी होगी, लेकिन कार्रवाई करेंगे।