
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : कुटुंब न्यायालय ने 71 वर्षीय पत्नी की ओर से प्रस्तुत भरण-पोषण आवेदन पर आदेश सुनाते हुए 72 वर्षीय पति को आदेश दिया कि वे पत्नी को प्रतिमाह साढ़े 12 हजार रुपये भरण पोषण के रूप में दें। पति को दस माह की बकाया राशि का भुगतान भी करना होगा।
प्रधान न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह ने यह आदेश दिया। पति सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी हैं और वर्तमान में पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। उनका इंदौर में निजी मकान भी है। पत्नी का आरोप है कि पति उसकी उपेक्षा कर रहे हैं।
आवेदन में यह भी कहा कि विवाह के कुछ वर्षों बाद पति ने पहली पत्नी की संतानों के बहकावे में आकर उनकी प्रताड़ना शुरू कर दी और घर से निकाल दिया।
छह वर्ष पहले कुटुंब न्यायालय ने पत्नी के पक्ष में दांपत्य संबंधों की पुनर्स्थापना की डिक्री जारी की थी। पत्नी का आरोप है कि इसके बावजूद पति ने न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया और उसे दांपत्य जीवन का अधिकार नहीं दिया।
इंदौर : गांधी नगर क्षेत्र में आर्थिक परेशानियों से जूझ रही 40 वर्षीय महिला की जहर खाने के बाद मौत हो गई। पुलिस के अनुसार नैनोद निवासी प्रियंका पति मनीष ने सोमवार को घर में जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
प्रियंका के पति मनीष ने पुलिस को बताया कि दोनों ने करीब 20 साल पहले प्रेम विवाह किया था। कोरोना काल से प्रियंका तनाव में थी। परिवार में दो बेटे हैं, जो घटना के समय स्कूल गए थे। मनीष के अनुसार वह पहले ट्रैवल्स का काम करते थे। कोरोना काल में वाहनों के बैंक लोन पूरे नहीं हो पाए और उन्हें गाड़ियां बेचनी पड़ीं। इसके बाद परिवार आर्थिक परेशानी से जूझने लगा। इसी वजह से प्रियंका परेशान रहती थी। परिवार के कुछ लोगों के दूरी बनाने से भी वह तनाव में थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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