
इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर की महिला उद्यमियों के लिए शनिवार का दिन खास था। इस दिन महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय की जानकारी साझा करने का मौका मिला और फंडिंग कैसे मिलेगी, इसे लेकर सभी तरह के सवालों के जवाब मिले। 127 देशों में ई-कामर्स क्षेत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित तकनीकी सेवाएं दे रहे इंदौर के स्टार्टअप एआइ ट्रिलियन ने महिला उद्यमियों को आठ करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग देने की घोषणा की। फंडिंग प्राप्त करने के लिए इंदौर की 94 महिला उद्यमियों ने अपने व्यवसाय की जानकारी साझा की है।
होटल मेरियट में शनिवार को महिला उद्यमियों को बताया गया कि उन्हें जिन ई-कामर्स पोर्टल और एप से जोड़ा जाएगा वह कैसे उनके उत्पादों को दुनियाभर में बेचने के लिए काम करता है। एआइ ट्रिलियन के संस्थापक मनोज धनोतिया ने बताया कि ई-कामर्स के क्षेत्र में अब भी महिला उद्यमियों की संख्या बहुत कम है। कई नामी ई-कामर्स कंपनियां उत्पादों को बेचने के लिए 35 प्रतिशत तक कमीशन लेती हैं। इससे बचने के लिए अगर कोई स्टार्टअप अपने उत्पादों को अपने स्तर पर आनलाइन लाना चाहता है तो उसे पोर्टल और एप बनाने में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। पैसा लगाने के बाद भी समस्या बनी रहती है कि पोर्टल और एप पर उपभोक्ताओं का ट्रैफिक नहीं आ पाता। इन परेशानियों को समझने के बाद हमने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत व मेक इन इंडिया के सपने को पूरा करने और महिला उद्यमियों को वैश्विक बाजार में ले जाने के लिए निश्शुल्क तकनीकी और विशेषज्ञों की सलाह उपलब्ध कराना शुरू किया है। शुरुआत में 10 हजार महिलाओं को यह सुविधा देंगे। इंदौर में महिलाओं के व्यवसाय को तकनीक से जोड़ने के बाद बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, पुणे और हैदराबाद सहित अन्य शहरों की महिलाओं को भी सुविधाएं और फंडिंग देने के लिए चैप्टर की शुरुआत की जाएगी।
प्लेटफार्म से जुड़े हैं 25 करोड़ सत्यापित उपभोक्ता - एआइ ट्रिलियन के सह संस्थापक सचिन धनोतिया ने बताया कि योजना के तहत महिला उद्यमियों के ग्रुप बनाए जाएंगे। इन्हें डिजिटल टीम बताएगी कि उनके उत्पादों को आनलाइन कैसे लाना है। सचिन ने बताया कि कालोनियों में भी कई ऐसे व्यवसाय संचालित हो रहे हैं जिन्हें वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिल सकती है, लेकिन कई महिलाएं तकनीकी रूप से जागरूक नहीं होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाती हैं। हमारे प्लेटफार्म पर दुनियाभर के 25 करोड़ से ज्यादा सत्यापित उपभोक्ता, 1.87 लाख से अधिक विक्रेता और 15 बिलियन डालर्स से ज्यादा व्यवसाय जुड़े हैं। ऐसे में उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को बेहतर आनलाइन बाजार उपलब्ध हो सकेगा।