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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Soybean In Indore: सोयाबीन की 9560 किस्म की फसल हो रही खराब, 2034 और जेएस-335 को अपनाएं किसान

Soybean In Indore:भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान की निदेशक ने कहा, सांसद ने कहा कि बेहतर उत्पादन और अच्छी वेरायटी के लिए किसानों ने दें प्रशिक्षण।

By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Fri, 04 Jun 2021 10:52:55 AM (IST)Updated Date: Fri, 04 Jun 2021 10:52:55 AM (IST)
Soybean In Indore: सोयाबीन की 9560 किस्म की फसल हो रही खराब, 2034 और जेएस-335 को अपनाएं किसान

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Soybean In Indore। प्रतिकूल मौसम और सोयाबीन बीज की किस्म 9560 में आ रही समस्याओं के कारण पिछले कुछ वर्षों से किसानों की फसल खराब हो रही है, इसलिए जरूरी है कि किसान सोयाबीन बीज की अन्य वेरायटी जैसे कि 2034, जे.एस.335 आदि का उपयोग करना शुरू करें। किसानों को जागरूक कर फसल को खराब होने से बचाने के लिए जिन एसओपी का पालन करना चाहिए उसकी जानकारी देना आवश्यक है।

यह बात भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान की निदेशक डा. नीता खांडेकर ने कही। जिले के किसानों के लिए खरीफ वर्ष 2021 में सोयाबीन बीज की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था के संबंध में गुरूवार को रेसीडेंसी कोठी में बुलाई गई बैठक में उन्होंने यह बताया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर जिला सोयाबीन के सर्वाधिक उत्पादन हेतु जाना जाता है। हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि सोयाबीन के उत्पादन में किसानों को कम से कम लागत में ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त हो सके। कृषि विभाग एवं सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के समन्वय से किसानों को मौसम के अनुरूप फसल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और सोयाबीन की फसल खराब होने से बचाने के लिए जरूरी प्रशिक्षण दिया जाए।


कलेक्टर मनीषसिंह ने कृषि उप संचालक को निर्देश दिए कि किसानों की मांग अनुरूप उन्नत किस्म के सोयाबीन बीज वितरित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा किसानों की आवश्यकतानुसार सोयाबीन बीज की अन्य गुणवत्तापूर्ण वेरायटी महाराष्ट्र और राजस्थान से लाने का भी प्रयास किया जाएगा। कृषि उपसंचालक एसएस राजपूत ने बताया कि इस वर्ष खरीफ का कुल रकबा 249985 हेक्टेयर है जिसमें से सोयाबीन का कुल क्षेत्र 220110 हेक्टेयर है। जिले में अभी 117451.40 क्विंटल सोयाबीन बीज निजी क्षेत्र और 9107.60 क्विंटल बीज सहकारी/शासकीय संस्था में उपलब्ध है।

इसमें से अभी तक 32600 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है। शेष प्रामाणिक बीज जल्द ही वितरित किए जाएंगे। बैठक में किसान एसोसिएशन, बीज उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेता संघ, बीज निगम, नाफेड, बीज प्रमाणीकरण संस्था और बीज उत्पादक सहकारी संस्था के सदस्य और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।