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डैशबोर्ड से उठी आग और लॉक हो गए गाड़ी के दरवाजे, महू में कार ऐसे बनी मासूम का काल

यह हादसे का सबसे दिल दहलाने वाला पहलू है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चिराग आगे ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा था। लेकिन उसका शव पिछली सीट पर मिला। ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 28 Mar 2026 07:07:59 PM (IST)Updated Date: Sat, 28 Mar 2026 07:07:59 PM (IST)
डैशबोर्ड से उठी आग और लॉक हो गए गाड़ी के दरवाजे, महू में कार ऐसे बनी मासूम का काल
इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात।

HighLights

  1. इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात
  2. पिता के सामने कार बनी मासूम का काल
  3. आग की लपटों ने छीनी बेटे की जिंदगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। डेढ़ माह पहले दिल्ली से खरीदी गई स्विफ्ट वीडीआइ कार (डीएल-8 सीएडी 3786) मासूम का काल बन गई। साढ़े तीन साल का मासूम चिराग जिद करके पापा के साथ कार में निकला था। पिता ने कार खड़ी कर दोस्त के खराब वाहन को ठीक करने में मदद की। इस दौरान धूप तेज होने से मासूम को कार में बैठा दिया। खिड़की जरूर खोल दी थी, लेकिन गेट बंद था। इसी दौरान कार में अचानक आग लग गई। महज 15 मीटर दूर खड़े बेबस पिता के सामने ही मासूम की जिंदा जलकर मौत हो गई।

दोस्त की मदद करने गए थे पिता

पुलिस के अनुसार रालामंडल निवासी संजय बहेडिया (29 वर्ष) को शनिवार सुबह उनके मित्र मनीष का फोन आया कि उनका साउंड सिस्टम (डीजे) वाहन सिमरोल क्षेत्र में खराब हो गया है। संजय मदद के लिए अपनी कार से निकल रहे थे, तो इकलौता बेटा चिराग जिद करने लगा। पिता ने उसे अपने साथ ले लिया, गाड़ी में डीजल डलवाया और मौके पर पहुंचे। वहां संजय ने अपनी कार डीजे वाहन के आगे लगाई। बाहर कड़ी धूप थी, इसलिए उन्होंने चिराग को गाड़ी में ही बैठे रहने दिया।


बेबस पिता के सामने धधक उठी कार

आगे के दोनों कांच खोले, गाड़ी बंद की और डीजे वाहन सुधारने में जुट गए। करीब 30 मिनट बीते होंगे। राहगीरों ने गाड़ी से आग की लपटें उठते देखीं तो शोर मचाया। संजय और मनीष, दोनों दौड़े। दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी पूरी तरह लॉक हो चुकी थी। कांच फोड़ा तो आग की लपटें बाहर आ गईं। पानी और फायर एक्सटिंग्यूशर से आग बुझाई, तब तक चिराग पूरी तरह झुलस चुका था। पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अमित सोनी ने बताया कि बच्चा सौ प्रतिशत जल गया था।

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आगे बैठाया था, शव पिछली सीट पर मिला

यह हादसे का सबसे दिल दहलाने वाला पहलू है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चिराग आगे ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा था। लेकिन उसका शव पिछली सीट पर मिला। पुलिस का अनुमान है कि आग डैशबोर्ड से शुरू हुई। आग से बचने के लिए नन्हा चिराग पिछली सीट पर भागा, लेकिन दरवाजे नहीं खुले। थाना प्रभारी कुलदीप खत्री ने बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। एफएसएल टीम को बुलाकर जांच की गई और साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं।