
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि रीजिम चैंज यानि शासन की व्यवस्था में बदलाव की लिए युवाओं को भड़काने की पीछे भीतरी और बाहरी शक्तियों का थोड़ा षड्यंत्र हैं।
समाज में अशांति फैलाना और हिंसा की जरिए बदलाव लाने कि कोशिश करना राष्ट्र और समाज की हित में नहीं हैं। युवाओं कि वास्तविक समस्याओं और मांगों का प्रशासनिक स्तर पर समाधान होना चाहिए। युवाओं से संवाद करने कि आवश्यकता हैं।जेपी आंदोलन की समय हम भी जेन-जी थे।
वे इंदौर में बुधवार (चार नवंबर ) के तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की समापन अवसर पर आयोजित पत्रकारवार्ता में पत्रकारों की प्रश्नों की उत्तर दे रहे थे। आरक्षण पर उठे सवाल के जवाब में कहा कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के जब तक समान अवसर नहीं मिलता तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।
आरक्षण पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसका उपयोग समाजहित में किया जाना चाहिए और जिन लोगों के इसकी आवश्यकता हैं, उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। कृष्ण जन्मभूमि समेत अदालतों में चल रहे मंदिर की मामलों पर कहा कि हमें राम मंदिर बनाकर दिखाना था , वह हमने दिखा दिया। बाकी मामले कोर्ट में चल रहे है, वहीं रहने देना चाहिए।वामपंथियों से मान्यता पर बोले संघ समाज का साथ चाहता हैं लेफ्ट का वैलेडेशन चाहता तो कब का बोरिया बिस्तर उठ चुका होता हैं।
होसबाले बोले की बैठक में नशे के गिरफ्त में आए युवाओं को लिए बैठक में विशेष योजना बनाई गई हैं। इस क्षेत्र में समाज और संस्थाएं काम कर रही हैं। इन्हें साथ लेकर उन्हें नशा मुक्त करने के प्रयास किया जाएगा। उनकी काउंसलिंग कर उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
एसआइआर पर बोले कि यदि कोई व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं हैं और उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं, तो यह भी गंभीर विषय हैं। इसका संबंध केवल चुनावी व्यवस्था से ही नहीं, बल्कि देश कि आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से भी हैं।
मतदाता सूची की समय-समय पर पुनरीक्षण के आवश्यक बताते हुए कहा कि इसमें किसी के आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मतदाता सूची में ऐसे कई लोगों की नाम दर्ज है, जिनका निधन हो चुका हैं। कई लोगों की नाम एक से अधिक स्थानों पर है।
कुछ लोग वर्षों पहले अपना गांव या शहर छोड़कर दूसरी जगह बस गए है, लेकिन उनके नाम अब भी पुरानी मतदाता सूची में दर्ज है। ऐसे में सूची में सुधार करना जरूरी हैं, ताकि व्यक्ति का नाम उसके वर्तमान निवास क्षेत्र कि मतदाता सूची में रहे।
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