इंदौर में पांच जिलों के हजारों संघ स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण 28 अक्टूबर को, ध्वज प्रणाम और बौद्धिक मार्गदर्शन होगा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर 28 अक्टूबर को इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में वृहत ‘चरैवेति’ एकत्रीकरण आयोजित किया जाएगा।
Publish Date: Tue, 27 Oct 2026 10:30:26 AM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2026 10:30:26 AM (IST)
इंदौर में पांच जिलों के हजारों संघ स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण होगा। -एआई इमेजHighLights
- शाखाओं पर एकत्र होकर समूह में पहुंचेंगे आयोजन स्थल पर
- ध्वज प्रणाम, शारीरिक कौशल प्रदर्शन और बौद्धिक मार्गदर्शन होगा
- एकत्रीकरण का ध्येय वाक्य ‘चरैवेति-चरैवेति’ रखा गया है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर 28 अक्टूबर को इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में वृहत ‘चरैवेति’ एकत्रीकरण आयोजित किया जाएगा।
इंदौर विभाग के पांच जिलों के सक्रिय स्वयंसेवक शामिल होंगे
शाम 4.30 बजे से प्रस्तावित इस आयोजन में इंदौर विभाग के पांच जिलों के सक्रिय स्वयंसेवक शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य संघ के सौ वर्ष के सफर के बाद राष्ट्रकार्य और सामाजिक परिवर्तन के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश देना है। इसमें ध्वज प्रणाम, शारीरिक कौशल प्रदर्शन और बौद्धिक मार्गदर्शन होगा।
निर्धारित समय से पहले स्वयंसेवक शाखाओं पर जुटेंगे
एकत्रीकरण के लिए निर्धारित समय से पहले स्वयंसेवक शाखाओं पर जुटेंगे। एकत्रीकरण की तैयारी पिछले एक माह से की जा रही हैं। एकत्रीकरण का ध्येय वाक्य ‘चरैवेति-चरैवेति’ रखा गया है। इसका आशय निरंतर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहने से है। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में हुई थी। 2025-26 में संघ द्वारा शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है।
राष्ट्र कार्य के प्रति समर्पण का संकल्प दोहराया जाएगा
शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस आयोजन के माध्यम से व्यक्ति निर्माण, समाज परिवर्तन, सामाजिक समरसता और राष्ट्र कार्य के प्रति समर्पण का संकल्प दोहराया जाएगा। इसके बाद अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक दो नवंबर से होगी।
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक दो नवंबर से होगी
2 नवंबर से होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। हालांकि कार्यक्रम का विस्तृत विवरण आरएसएस द्वारा जारी नहीं किया गया है, लेकिन फिर भी देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंथन किए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। आरएसएस के इस आयोजन में संघ से जुड़े कई बड़े पदाधिकारियों के शामिल होने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है।