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इंदौर में नगर निगम की चलती गाड़ी में मिली नई जिंदगी, CPR देकर बचाई साथी की सांसें, समय रहते मिला इलाज

नगर निगम की गाड़ी सीधे अस्पताल की ओर दौड़ी और पूरे रास्ते आरिश लगातार संजय का सीना दबाकर सीपीआर देता रहा। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तत्काल उपचार ...और पढ़ें

By Mukesh MangalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 01 Aug 2026 10:55:04 PM (IST)Updated Date: Sat, 01 Aug 2026 10:55:04 PM (IST)
इंदौर में नगर निगम की चलती गाड़ी में मिली नई जिंदगी, CPR देकर बचाई साथी की सांसें, समय रहते मिला इलाज
नगर निगम की चलती गाड़ी में जिंदगी की जंग। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. अस्पताल पहुंचने तक सीना दबाता रहा साथी
  2. साथी कर्मचारी की तत्परता ने दी नई जिंदगी
  3. समय पर मिले सीपीआर से टला बड़ा हादसा

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नगर निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी में इंसानियत और सूझबूझ की मिसाल देखने को मिली। गाड़ी के चालक संजय हीरवे की अचानक हार्ट अटैक से तबीयत बिगड़ गई। हालात गंभीर होते देख साथ मौजूद कर्मचारी आरिश भुवेल ने बिना समय गंवाए उन्हें कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देना शुरू कर दिया।

समय रहते मिला इलाज

नगर निगम की गाड़ी सीधे अस्पताल की ओर दौड़ी और पूरे रास्ते आरिश लगातार संजय का सीना दबाकर सीपीआर देता रहा। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर समय रहते सीपीआर नहीं दिया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।


गोपुर चौराहा के पास बिगड़ी थी तबीयत

आरिश भुवेल के अनुसार घटना गोपुर चौराहा के समीप की है। हरीश ड्यूटी पर था। गाड़ी चलाते हुए अचानक बेसुध हो गया। एक क्लिनिक पर ले गए तो बताया हार्ट अटैक आया है। तत्काल नगर निगम की गाड़ी में लेकर रवाना हो गए। रास्ते में मैं सीपीआर देता रहा।

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सूझबूझ और सीपीआर ने बचाई जान

अब आरिश की हिम्मत की हर कोई सराहना कर रहा है। डॉक्टर भी मानते हैं कि हार्ट अटैक के दौरान शुरुआती मिनटों में दिया गया सही सीपीआर मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। शनिवार को हरीश की अस्पताल से छुट्टी हो गई।