
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 82 से अधिक उड़ानों से जुड़ा इंदौर एयरपोर्ट भले ही लगातार विस्तार कर रहा हो, लेकिन मध्यप्रदेश के शहरों के बीच क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी लगातार सिमटती जा रही है। आगामी विंटर सीजन में 25 अक्टूबर से इंदौर-जबलपुर की सीधी उड़ान बंद होने जा रही है। इसके बाद इंदौर से प्रदेश में सिर्फ रीवा के लिए सीधी हवाई सेवा रह जाएगी।
वर्तमान में जबलपुर से सुबह उड़ान इंदौर आती है और शाम 4.05 बजे इंदौर से जबलपुर के लिए रवाना होती है। इस सेवा के जरिए यात्री करीब डेढ़ घंटे में दोनों शहरों के बीच सफर पूरा कर लेते हैं। उड़ान बंद होने के बाद जबलपुर जाने वाले यात्रियों को अब रेल या सड़क परिवहन पर निर्भर रहना पड़ेगा।
इसमें इंदौर से जबलपुर के लिए ओवरनाइट और नर्मदा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें उपलब्ध हैं, लेकिन इनसे यात्रा में करीब 10 से 12 घंटे लगते हैं। बस से भी लगभग इतना ही समय लगता है। ऐसे में हवाई सेवा बंद होने का सीधा असर समय बचाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।
करीब डेढ़ वर्ष पहले इंदौर-ग्वालियर की सीधी हवाई कनेक्टिविटी भी खत्म हो चुकी है। अब जबलपुर सेवा बंद होने से प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर की सीधी हवाई पहुंच और सीमित हो जाएगी। जबकि प्रदेश में जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, खजुराहो, दतिया, सतना में एयरपोर्ट है, लेकिन इंदौर की सीधी कनेक्टिविटी आगामी माह से सिर्फ रीवा के लिए रहेगी।
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प्रदेश सरकार द्वारा छोटे शहरों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रादेशिक कनेक्टिविटी पर सरकार का फोकस है, इसलिए कई शहरों में एयरपोर्ट शुरू किए गए और जल्द ही कई में शुरू होंगे।
वहीं पीएमश्री वायु सेवा और पर्यटन हेलीकाप्टर जैसी हवाई सेवा भी संचालित की जा रही है, जो छोटे शहरों को जोड़ती है। वहीं इंदौर से मध्यप्रदेश के शहरों की सीधी उड़ानों का दायरा लगातार छोटा होता जा रहा है।