
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर(Ahilya Path Indore)। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के संचालक मंडल की बैठक शुक्रवार को हुई। इसमें अहिल्या पथ और उसके आसपास विकसित होने वाली पांच स्कीमों के प्रस्ताव को धारा 50(1) में संचालक नगर तथा ग्राम निवेश विभाग भोपाल और राज्य शासन को भेजने की अनुमति दी गई। उक्त योजनाओं में किसी भी प्रकार के नक्शे पास नहीं होंगे।
इसके अलावा स्कीमों में विगत छह माह में नगर तथा ग्राम निवेश से जो नक्शे मंजूर हो गए हैं, लेकिन इंदौर नगर निगम से विकास अनुमति जारी नहीं हुई है, तो वे नक्शे भी निरस्त होंगे। उज्जैन रोड से धार रोड को जोड़ने वाली अहिल्या पथ सड़क का निर्माण आईडीए द्वारा सिंहस्थ से पहले किया जाएगा। इसके आसपास आईडीए द्वारा एपी-1 से लेकर एपी-5 स्कीम विकसित की जाएगी।
इन स्कीमों की जमीन पर किसी भी तरह के नक्शे पास नहीं किए जाएंगे। सात जुलाई से पहले छह माह में यदि टीएनसीपी से नक्शे पास हो गए हैं और नगर निगम से विकास अनुमति प्राप्त नहीं की है, तो उन नक्शों को भी निरस्त कराया जाएगाा। आईडीए के मुख्य कार्यपालिक अधिकारी आरपी अहिरवार का कहना है कि स्कीम के प्रस्ताव को बोर्ड की सहमति के बाद शासन को भेजा जाएगा।

बोर्ड बैठक में मोरोद गांव में खसरा नंबर 372/1 क्षेत्रफल 125.221 हेक्टेयर भूमि पर मंडी एवं ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित है। इसकी कार्रवाई के लिए कंसल्टेंट का चयन, भूपरिवर्तन आदि करने का निर्णय लिया गया।
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संचालक मंडल द्वारा कान्ह एवं सरस्वती नदी के किनारों के विकास का निर्णय भी लिया गया है। विकास की डीपीआर बनाने के लिए कंसल्टेंट की सेवाएं भी ली जाएंगी।
ये निर्णय भी हुए