
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर(Ahilya Path Indore)। इंदौर शहर के पश्चिम क्षेत्र में रिजलाय से रेवती गांव तक 15 किमी लंबी अहिल्या पथ सड़क और अहिल्या पथ योजनाओं के विरोध में किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। बड़ी संख्या में किसानों ने ग्राम पालखेड़ी में बैठक कर इस योजना को रद करने की मांग की।
किसानों का कहना था कि भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए योजना लाई जा रही है। अन्नदाता की जमीन लेकर भूमाफियाओं को दी जाएगी। अहिल्या पथ योजना के विरोध को लेकर 15 गांवों के किसानों की बैठक ग्राम पालखेड़ी में शनिवार को आयोजित हुई।
किसान नेता हंसराज मंडलोई, दिलीप सिंह पंवार ने कहा कि पहले भी इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) और हाउसिंग बोर्ड की स्कीमों में जमीन देकर किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गए। अब किसी भी योजना में किसान अपनी जमीन नहीं देंगे। सरकार किसानों का पेट काटकर भूमाफियाओं को फायदा पहुंचाने में लगी है।
किसानों की जमीन लेने पर बाजार भाव का चार गुना मुआवजा दिया जाए। वहीं किसान अपनी जमीन का उपयोग किस तरह से करेगा, इसकी उसे आजादी होनी चाहिए।
अहिल्या पथ योजना में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ लड़ने के लिए 15 गांवों के किसानों ने अहिल्या पथ संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति के बैनर तले कानूनी और जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। किसानों की जमीन कम दाम में नहीं देने की सहमति भी बैठक में बनी।
अहिल्या पथ योजना में आठ गांवों की हजारों हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की जाएगी। रिजलाय से रेवती गांव तक 15 किमी लंबी और 75 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी और इसके आसपास पांच योजनाएं विकसित की जाएंगी। जिला प्रशासन ने इन आठ गांवों की जमीन पर नक्शों पर रोक लगा दी है। वहीं पहले से पास 28 नक्शों को निरस्त कराने के लिए भी संभागायुक्त के यहां प्रकरण प्रस्तुत किया है।