
इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर से चलने वाली सभी ट्रेनों को अब आरामदायक और सुरक्षित एलएचबी (लिंक हाफमन बुश) तकनीक के कोच से चलाने की तैयारी कर ली गई है। जल्द ही सभी ट्रेनें इस तरह से चलेंगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अभी इंदौर स्टेशन से इंदौर-अमृतसर, इंदौर-चंडीगढ़, इंदौर-दिल्ली निजामुद्दीन, अवंतिका एक्सप्रेस, इंदौर-पुणे, मालवा एक्सप्रेस, इंदौर-देहरादून, गुवाहाटी एक्सप्रेस, इंदौर-नागपुर एक्सप्रेस, इंदौर-पटना औरओवरनाइट एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों को एलएचबी रैक से चलाया जा रहा है। लेकिन अब जल्दी ही सभी ट्रेनों का संचालन एलएचबी रैक से ही किया जाएगा। इसमें शांति एक्सप्रेस, इंदौर-बिलासपुर,, इंदौर-बीकानेर, इंदौर-रीवा एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार इस संबध में मुख्यालय से जानकारी भी मांगी गई है। इसमें पूछा गया है कि कौन सी ट्रेन एलएचबी के बजाए पुराने कोच से चल रही हैं। इंदौर से अभी 50 ट्रेनें संचालित होती हैं। कोरोना काल के पहले इंदौर से आने जाने वाली 54 ट्रेनों का संचालन होता था। इससे औसतन 25 हजार यात्री रोजाना सफर करते थे।
ये होते हैं एलएचबी कोच - रेलवे जानकारों के अनुसार एलएचबी कोच जर्मन तकनीक के कोच हैं। जो स्टेनलेस स्टील से बनते हैं। सीबीसी (सेंट्रल बफर कॉलिंग) सिस्टम के कारण दुर्घटना के दौरान डिब्बे एक के ऊपर एक नहीं चढ़ते हैं। इससे जनहानि होने की संभावना कम हो जाती है। सीटें आरामदायक होती हैं। स्लीपर में 80 और 3 एसी में 72 सीटें होती हैं। इससे ट्रेन की गति भी बढ़ जाती है। इंदौर से चलने वाली ट्रेनें नागदा के आगे 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलती हैं।
संस्था अग्रमंच मनाएगा इंदौर गौरव दिवस
इंदौर। संस्था अग्रमंच द्वारा इंदौर गौरव दिवस के अवसर पर 31 मई को शाम 7 बजे अग्रसेन प्रतिमा चौराहे पर मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रतिमा पर आकर्षक साज-सज्जा कर महाआरती की जाएगी। संरक्षक शैलेष गर्ग और संस्थापक आशीष गोयल के अनुसार इंदौर का गौरव दिवस 25 से 31 मई तक आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर उपस्थित जन समूह को शहर को हरा-भरा एवं स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई जाएगी।