
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज और एमवाय अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में रेजिडेंट डॉक्टरों के कथित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने विभागाध्यक्ष डॉ. परेश सोढ़िया पर रेजिडेंट डॉक्टरों को डराने-धमकाने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। यहां तक कि शैक्षणिक व चिकित्सकीय प्रशिक्षण के अवसरों से वंचित करने के भी आरोप लगाए हैं। जूडा ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र कमेटी बनाने की मांग उठाई है।
शिकायत में रेजिडेंट डॉक्टरों को एमसीएच की परीक्षा में अनुत्तीर्ण करने और प्रशिक्षण अवधि बढ़ाने की धमकी दी जाने के बारे में बताया है। साथ ही रेजिडेंट डॉक्टर को ऑपरेशन थिएटर में प्रवेश से रोकने और नियमित पढ़ाई व सर्जरी सीखने के अवसर नहीं का उल्लेख भी किया है।
इसके अलावा डॉक्टरों ने सप्ताह में 140 से 150 घंटे काम कराने और विभागीय संसाधनों के लिए निजी पैसे खर्च करने का दबाव बनाने की शिकायत की है। जूडा ने प्रशासन से सात दिनों के भीतर कार्रवाई करने की मांग की।
शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखने और उन्हें किसी भी तरह की प्रताड़ना से सुरक्षा देने पर जोर दिया है। जूडा अध्यक्ष डा विक्रम सिद्धू ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टर पहले भी डीन को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
शुक्रवार को उन्होंने डीन डॉ अरविंद घनघोरिया से दोबारा मुलाकात कर जांच कमेटी गठित करने की मांग की। वे कहते हैं कि समयावधि में कार्रवाई नहीं होने पर उच्च अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा। यहां तक कि सांकेतिक विरोध प्रदर्शन और हड़ताल भी की जाएगी।
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