
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : उमरिया खुर्द में मिले घायल तेंदुए को शुक्रवार को 19 घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। तीन फीट चौड़े पानी निकासी पाइप में फंसा तेंदुआ सिर में गंभीर चोट और कमजोरी के कारण एक जगह से हिल नहीं रहा था। चेहरे पर भी घाव थे। वन अधिकारियों ने मुख्यालय में वाइल्ड लाइफ वार्डन से चर्चा के बाद उसे सर्जरी के लिए वन विहार भेज दिया।
बीते सप्ताह उमरिया खुर्द में एक किसान के घर में तेंदुए के घुसने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद इंदौर वनमंडल की रेस्क्यू और इंदौर रेंज की टीम ने तलाश शुरू की। दो दिन बाद इलाके में पिंजरे लगाए गए। गुरुवार शाम ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ पास के पानी निकासी पाइप में है।
डीएफओ लाल सुधाकर सिंह और रालामंडल अधीक्षक सुभाष शर्मा के नेतृत्व में टीम शाम छह बजे पहुंची। वनकर्मियों ने पाइप के एक छोर पर ढोल बजाकर उसे दूसरे छोर से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं हिला। रात में पाइप के दोनों सिरों पर पिंजरे लगाए गए, फिर भी तेंदुआ बाहर नहीं आया।
शुक्रवार सुबह रेस्क्यू की रणनीति बदली गई। पाइप के आकार की लोहे की शीट तैयार कराई गई और वनकर्मी हरिश योगी, रमेश अजनार तथा संदीप ठाकुर को 20 फीट लंबे पाइप में भेजा गया। वे भीतर लेटकर धीरे-धीरे शीट तेंदुए की ओर बढ़ाते रहे, ताकि उसे सुरक्षित ढंग से पिंजरे की ओर लाया जा सके। तीनों वनकर्मी करीब तीन घंटे पाइप में रहे और उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। दोपहर दो बजे तेंदुआ पिंजरे में कैद कर लिया गया।
घायल होने के कारण तेंदुए को बेहोश नहीं किया गया। मौके पर अधीक्षक शर्मा और वेटनरी डाक्टर निखिल बालके मौजूद थे। शर्मा ने बताया कि गंभीर चोट और कमजोरी के कारण दवा का अधिक असर होने से तेंदुए की मौत का खतरा था।
डीएफओ सिंह के अनुसार, वेटनरी डॉक्टर की प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से सिर में चोट लगने की आशंका जताई गई है। उसकी एक आंख भी खराब हो गई है। सर्जरी के लिए उसे डॉक्टर की निगरानी में वन विहार भेजा गया।
चोरल रेंज के मेंडल तालाब से रेस्क्यू किए गए दूसरे तेंदुए की हालत स्थिर है। वायरल फीवर के कारण वह कमजोर है। संक्रमण फैलने की आशंका से उसे चिड़ियाघर के बजाय अभयारण्य में रखा गया है। उसके खून के नमूने जबलपुर लैब भेजे गए हैं।
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