नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लव जिहाद के आरोपित अल्ताफ और साहिल की आर्थिक मदद करने का आरोपित अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत दर-दर की ठोंकरे खा रहा था। फरारी के लिए उसको पत्नी की ज्वेलरी बेचना पड़ी। सोने के कंगन बेचकर गोरखपुर से नेपाल भागा और इंटरनेशनल सिमकार्ड से इंटरनेट कॉलिंग करने लगा। उसने पुलिस के खिलाफ याचिका की तैयारी की पर बेटी गिरफ्तार हो गई।
भिस्ती मोहल्ला (सदर बाजार) निवासी अनवर पुत्र असलम कादरी ने पुलिस को खुब छकाया। इनाम की घोषणा होते ही सरेंडर का मन बनाया लेकिन इसी दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बयान आ गया। एनकाउंटर और तोड़फोड़ के डर से अनवर गोरखपुर आ गया। यहां तक उसकी दूसरी पत्नी फरहाना भी साथ थी। शुरुआत में तो उसने एक खाते से रुपये निकाल कर काम चलाया लेकिन फ्रीज होने पर रुपयों का संकट गहराने लगा। उसने फरहाना के कंगन बेचे और बस से नेपाल चला गया।
टूरिस्ट बनकर अलग-अलग होटलों में रुका और इसी दौरान एक युवक से दोस्ती कर ली। अनवर ने खुद को व्यापारी बताया और उसका सिमकार्ड ले लिया। वह इंटरनेशनल सिमकार्ड से इंटरनेट कॉलिंग कर पुलिस की हरेक गतिविधियों पर नजर रखने लगा। दोस्तों और स्वजनों से भी संपर्क कर लेता था। अनवर अखबारों में भी उसके संबंध में चल रही खबरें पढ़ लेता था।
टीआइ सियाराम सिंह गुर्जर के मुताबिक अनवर की मदद करने वालों को भी आरोपित बनाया जाएगा। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसने बताया कि दिल्ली के कुछ कांग्रेस नेताओं से संपर्क में था। उनके माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी थी। इसी बीच उसकी बेटी आयशा गिरफ्तार हो गई।
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अनवर के विरुद्ध आजाद नगर, संयोगितागंज, सदर बाजार, सराफा थाना सहित अन्य जगहों पर कुल 20 मामले दर्ज है। उसको कुछ समय पूर्व भारत विरोधी नारे लगाने के मामले में भी गिरफ्तार किया था। कलेक्टर आशीष सिंह ने उस पर रासुका भी लगा दी थी। पुलिस अब उसकी संपत्ति कुर्क करने वाली थी। पुलिस ने कोर्ट के माध्यम से अनवर को भगोड़ा घोषित करवा दिया था।