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उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण में जद में आई शाही मस्जिद का मामला फिर पहुंचा एमपी हाईकोर्ट

Shahi Masjid Ujjain: उज्जैन नगर निगम सडक़ चौड़ीकरण की जद में आ रहे निर्माण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। इसी के चलते शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने को ...और पढ़ें

By Kuldeep BhawsarEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 08:51:09 AM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 08:58:11 AM (IST)
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण में जद में आई शाही मस्जिद का मामला फिर पहुंचा एमपी हाईकोर्ट
उज्जैन में शादी मस्जिद। - फाइल फोटो

HighLights

  1. मस्जिद को लेकर आए एकलपीठ के फैसले को चुनौती देते हुए युगलपीठ के समक्ष अपील दायर हुई
  2. 1985 के मध्य प्रदेश शासन के राजपत्र में मस्जिद का उल्लेख होने का भी हवाला दिया
  3. 1975 में यातायात सुगम बनाने के लिए मस्जिद की ओर से स्वेच्छा से जमीन दी गई थी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सिंहस्थ-2028 के लिए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही सौ साल पुरानी उज्जैन की शाही मस्जिद को लेकर आए एकलपीठ के फैसले को चुनौती देते हुए युगलपीठ के समक्ष अपील दायर हुई है। मामले में अगले सप्ताह सुनवाई होगी। उज्जैन के गोपाल मंदिर क्षेत्र में सडक़ चौड़ीकरण किया जा रहा है।

उज्जैन नगर निगम सडक़ चौड़ीकरण की जद में आ रहे निर्माण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। इसी के चलते शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने को लेकर भी कार्रवाई होना है। मस्जिद प्रबंधन और अन्य पक्षों ने इसका विरोध करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर थी। याचिकाकर्ताओं का दावा था कि मस्जिद 100 वर्ष से अधिक पुरानी है और उसके संबंध में ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हैं।


राजपत्र में मस्जिद के उल्लेख का हवाला दिया

उन्होंने 17 मार्च 1925 के पत्र और 13 सितंबर 1985 के मध्य प्रदेश शासन के राजपत्र में मस्जिद का उल्लेख होने का भी हवाला दिया था। याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना था कि 1975 में यातायात सुगम बनाने के लिए मस्जिद की ओर से स्वेच्छा से जमीन दी गई थी और वर्तमान में सड़क करीब 40 फीट चौड़ी है।

बहस सुनने के बाद एकलपीठ ने याचिका निरस्त कर दी थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए अब युगलपीठ के समक्ष अपील प्रस्तुत हुई है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई होना थी, लेकिन कोर्ट का समय समाप्त होने से टल गई।

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