
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमवाय अस्पताल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मरीज के स्वजन ही स्ट्रेचर और व्हीलचेयर धकाते हुए नजर आ रहे हैं। एमजीएम मेडिकल से जुड़े अस्पताल में आउटसोर्स कंपनी बीवीजी के पास यह जिम्मेदारी है कि मरीजों को वार्ड तक पहुंचाए। लेकिन 1400 कर्मचारियों का दावा करने के बाद भी कभी ये स्ट्रेचर धकाते हुए नजर नहीं आते हैं। सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में स्ट्रेचर पर मरीज को अस्पताल परिसर में ले जा रहे हैं, वहीं अन्य वीडियो में मरीज को स्वजन व्हीलचेयर पर ले जा रहे हैं।
कंपनी द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। चार मेडिकल कॉलेज में बीवीजी कंपनी का कार्य अच्छा नहीं होने पर इसे ब्लैकलिस्टेड किया गया है। लेकिन एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और भोपाल के अधिकारियों ने साठगांठ कर कंपनी को अनुमति दे दी है। इसके पहले भी एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दो महिलाएं सड़क पर स्ट्रेचर पर मरीज को ले जा रही थीं। अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है।
एमवाय अस्पताल में चूहाकांड के बाद एजाइल कंपनी को हटाया था। इसके बाद यहां बीवीजी कंपनी को पेस्ट कंट्रोल सहित अन्य कार्य की जिम्मेदारी मिली है। लेकिन अस्पतालों में कहीं पेस्ट कंट्रोल नहीं हो रहा है, क्योंकि अभी भी परिसर में गंदगी नजर आ रही है। वार्डों तक बिल्लियां पहुंच रही हैं। जिन लोगों को कंपनी पर निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है, वह भी ध्यान नहीं देते हैं।
शासकीय अस्पतालों में मरीज बाहर परेशान होते रहते हैं, लेकिन अधिकारी एसी कैबिन में बैठे रहते हैं। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए वह कभी निरीक्षण करते हुए नजर नहीं आते हैं। कैबिन में बैठकर बेहतर इलाज की सुविधाएं देने का दावा करते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।