• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

इंदौर के MY अस्पताल में व्यवस्थाएं राम भरोसे, स्ट्रेचर धकाने को मजबूर मरीज के स्वजन, वायरल वीडियो ने खोली पोल

एमवाय अस्पताल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मरीज के स्वजन ही स्ट्रेचर और व्हीलचेयर धकाते हुए नजर आ रहे हैं। लेकिन 1400 कर्मचारियों का दावा करने के...और पढ़ें

By Vinay YadavEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 01 Mar 2026 09:12:50 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Mar 2026 09:12:50 PM (IST)
इंदौर के MY अस्पताल में व्यवस्थाएं राम भरोसे, स्ट्रेचर धकाने को मजबूर मरीज के स्वजन, वायरल वीडियो ने खोली पोल
इंदौर के सबसे बड़े अस्पताल का बुरा हाल।

HighLights

  1. इंदौर के सबसे बड़े अस्पताल का बुरा हाल
  2. स्ट्रेचर धकाने को मजबूर मरीज के स्वजन
  3. 1400 कर्मचारियों के बाद भी व्यवस्थाएं ठप

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमवाय अस्पताल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मरीज के स्वजन ही स्ट्रेचर और व्हीलचेयर धकाते हुए नजर आ रहे हैं। एमजीएम मेडिकल से जुड़े अस्पताल में आउटसोर्स कंपनी बीवीजी के पास यह जिम्मेदारी है कि मरीजों को वार्ड तक पहुंचाए। लेकिन 1400 कर्मचारियों का दावा करने के बाद भी कभी ये स्ट्रेचर धकाते हुए नजर नहीं आते हैं। सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में स्ट्रेचर पर मरीज को अस्पताल परिसर में ले जा रहे हैं, वहीं अन्य वीडियो में मरीज को स्वजन व्हीलचेयर पर ले जा रहे हैं।

ब्लैकलिस्टेड कंपनी के साथ साठगांठ के आरोप

कंपनी द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। चार मेडिकल कॉलेज में बीवीजी कंपनी का कार्य अच्छा नहीं होने पर इसे ब्लैकलिस्टेड किया गया है। लेकिन एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और भोपाल के अधिकारियों ने साठगांठ कर कंपनी को अनुमति दे दी है। इसके पहले भी एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दो महिलाएं सड़क पर स्ट्रेचर पर मरीज को ले जा रही थीं। अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है।


अस्पताल में बिल्लियों का आतंक और पेस्ट कंट्रोल का अभाव

एमवाय अस्पताल में चूहाकांड के बाद एजाइल कंपनी को हटाया था। इसके बाद यहां बीवीजी कंपनी को पेस्ट कंट्रोल सहित अन्य कार्य की जिम्मेदारी मिली है। लेकिन अस्पतालों में कहीं पेस्ट कंट्रोल नहीं हो रहा है, क्योंकि अभी भी परिसर में गंदगी नजर आ रही है। वार्डों तक बिल्लियां पहुंच रही हैं। जिन लोगों को कंपनी पर निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है, वह भी ध्यान नहीं देते हैं।

यह भी पढ़ें- इंदौर-शारजाह उड़ान दूसरे दिन भी रही निरस्त, यूएई में अटके यात्री, युद्ध के हालात के कारण खाड़ी देशों के टूर हो रहे कैंसिल

एसी कैबिन तक सीमित जिम्मेदार अधिकारी

शासकीय अस्पतालों में मरीज बाहर परेशान होते रहते हैं, लेकिन अधिकारी एसी कैबिन में बैठे रहते हैं। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए वह कभी निरीक्षण करते हुए नजर नहीं आते हैं। कैबिन में बैठकर बेहतर इलाज की सुविधाएं देने का दावा करते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।