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Ayodhya Ram Mandir: इंदौर में जारी श्रीराम महायज्ञ में दी 30 हजार आहुतियां
Ayodhya Ram Mandir: रामरक्षा स्त्रोत एवं हनुमान चालीसा के 108-108 पाठ भी संपन्न।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Wed, 17 Jan 2024 10:54:50 AM (IST)Updated Date: Wed, 17 Jan 2024 10:54:50 AM (IST)
इंदौर में जारी श्रीराम महायज्ञ में दी 30 हजार आहुतियां Ayodhya Ram Mandir: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। संगम नगर स्थित मनोकामना पूर्ण दुर्गा माता मंदिर में दिनभर प्रभु श्रीराम के नाम से चल रहे श्रीराम महायज्ञ में स्वाहाकार की मंगल ध्वनि से गुंजायमान बना रहा। राम रक्षा स्त्रोत एवं हनुमान चालीसा के 108-108 पाठ द्वारा देवताओं का वास्तु मंडल पूजन, चौसठ योगिनी, क्षेत्रपाल, सर्वतोभद्र मंडल तथा कुंडस्थ देवताओं के पूजन के बाद नवग्रह मंडल तथा असंख्यात रूद्र मंडल की स्थापना भी संपन्न हुई।
यज्ञ समिति के संयोजक पं. योगेन्द्र महंत एवं उद्योगपति योगेश मेहता ने बताया कि यज्ञाचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक के निर्देशन में 21 विद्वान ब्राह्मणों ने प्रथम सत्र में सुबह पांच कुंडों पर
भगवान श्रीराम के नाम से आहुतियों का सिलसिला शुरू किया, जो शाम को दूसरे सत्र के समापन तक 30 हजार आहुतियों तक पहुंच गया। यज्ञशाला के पांचों कुंडों पर अष्ट दिवसीय श्रीराम महायज्ञ में आहुतियों का सिलसिला सुबह-शाम दोनों सत्रों में जारी रहने से समूचा क्षेत्र श्रीराम मय बना हुआ है।
इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला की परिक्रमा भी लगाते रहे। अनेक श्रद्धालु अपने हाथों में प्रभु श्रीराम का चित्र लेकर राम नाम जपते हुए शामिल हुए। इनमें दिव्यांग, दृष्टिहीन एवं मूक बधिर श्रद्धालु भी शामिल थे। विद्वान ब्राह्मणों ने पुरुष सूक्त से आहुतियां समर्पित की। यज्ञ 22 जनवरी तक प्रतिदिन सुबह-शाम, दो सत्रों में जारी रहेगा।
महायज्ञ के आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि यज्ञ की पूर्णाहुति 22 जनवरी को ठीक उस समय होगी, जब अयोध्या में रामलला के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। इस दौरान स्कीम 51,
संगम नगर में भी आकर्षक आतिशबाजी एवं आकर्षक दीपोत्सव भी मनाया जाएगा। प्रतिदिन यज्ञ के दौरान राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा के 108 पाठ, सुंदरकांड पाठ एवं राम नाम के जाप भी असंख्य श्रद्धालु मनोकामनापूर्ण दुर्गा माता मंदिर पर करेंगे। यज्ञ में पुरुष सुक्त की वैदिक ऋचाओं से विद्वान ब्राह्मण एवं यजमान पांच विविध आकृतियों के आकर्षक कुंडों पर आठ दिनों में 1 लाख 60 हजार आहुतियां प्रभु श्रीरामजी को समर्पित करेंगे।