By Sameer Deshpande
Edited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Wed, 13 Dec 2023 08:50:03 AM (IST)
Updated Date: Wed, 13 Dec 2023 02:47:16 PM (IST)
Ayushman Yojana: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आयुष्मान कार्ड को लेकर सरकार ने नियमों में संशोधन किया है। अब जिन परिवार के पास बीपीएल यानी गरीबी रेखा का राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए पात्रता पर्ची के आधार पर कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके लिए आवेदक को कलेक्टर कार्यालय के समाधान विभाग में जाकर फार्म भरना होगा। पर्ची बनने के बाद तीन महीने राशन प्राप्त करना होगा। इसके आधार पर कार्ड के लिए आवेदक फार्म भर सकता है। साथ ही समग्र आइडी भी देना होगा।
यह बात आयुष्मान नोडल अधिकारी डा. संतोष सिसौदिया ने कहीं। मंगलवार को डा. सिसौदिया ने हेलो नईदुनिया कार्यक्रम के माध्यम से
आयुष्मान कार्ड धारकों का
मार्गदर्शन किया। वे बताते है कि कार्ड के लिए बीपीएल-पात्रता पर्ची और समग्र आइडी जरूरी है। साथ ही सरकारी विभाग में नौकरी नहीं करने वाले को योजना के दायरे में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि कार्ड के माध्यम से 1300 बीमारियों का इलाज मुफ्त करवाया जा सकता है। वैसे 130 बीमारियों में सिर्फ सरकारी अस्पताल में भर्ती हुआ जा सकता है।
पाठकों द्वारा आयुष्मान कार्ड से जुड़े सवाल और उनके जवाब -
सवाल- आयुष्मान कार्ड के लिए राशन कार्ड होना जरूरी है क्या? -प्रकाश जैन
जवाब- आयुष्मान कार्ड को लेकर नियमों में बदलाव किया है। राशन कार्ड नहीं होने की स्थिति में पात्रता पर्ची बनवाए। उसके आधार पर कार्ड बनाए जा रहे हैं।
सवाल- आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज के दौरान अस्पताल ने 65 हजार रुपये वसूलेंगे। पूछने पर अस्पताल प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया है। डेढ़ साल पहले शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है। -नरसिंग कुंडवाल
जवाब- आयुष्मान कार्ड के माध्यम इलाज बिलकुल मुफ्त है। अस्पताल कार्डधारक मरीजों से राशि नहीं वसूल सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से सीधे शिकायत कर सकती है। साथ ही बिल भी प्रस्तुत करें। कार्रवाई नहीं होने पर कलेक्टर के सामने भी दस्तावेज रखें।
सवाल- कार्ड होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन इलाज करना तो दूर भर्ती करने से भी माना कर देते हैं। कई बार अस्पताल में जगह नहीं होने की बात होती है। -सुरेश मंगवानी
जवाब- आयुष्मान कार्ड धारकों को अस्पताल इलाज करने से माना नहीं कर सकते हैं। ऐसा करने पर अस्पताल की शिकायत स्वास्थ्य विभाग में करें।
सवाल- राशन कार्ड नहीं है। कुछ समय पहले पति कीडनी की बीमारी से पीड़ित है। क्या अब आयुष्मान कार्ड बन सकता है। -वंदना कोठारी
जवाब- राशन कार्ड नहीं होने पर पात्रता पर्ची बनवाना पड़ती है। इसके लिए कलेक्टर कार्यालय के समाधान विभाग में संपर्क करें। वहां से पर्ची बनने के बाद तीन महीने राशन मिलेगी। उसके आधार पर कार्ड बन सकता है। कार्ड के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
सवाल- सेवानिवृत्त होने के बाद अब सात हजार पेंशन मिलती है। 73 वर्ष आयु होने से कई बीमारियों ने घेर लिया है। क्या अब कार्ड बनाया जा सकता है? -निर्मल पाठक
जवाब- सरकारी विभाग या निजी संस्थान से सेवानिवृत्त हुए हैं और इनकम टैक्स भी भरते हैं। इस वजह से आयुष्मान योजना के दायरे में आप नहीं आते हो। कार्ड गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों का बनता है।
सवाल- डेढ़ साल पहले मुझे कैंसर की बीमार का पता चला। इलाज चल रहा है। प्राइवेट अस्पताल ने 10 लाख का खर्च बताया है, लेकिन कार्ड की सीमा सिर्फ 5 लाख है। ऐसे में अन्य राज्य में कैसे इलाज करवा सकेंगे? -राजकुमार सेन
जवाब- पूरे परिवार का आयुष्मान कार्ड बनता है, जिसमें हर साल पांच लाख तक के इलाज का खर्च सरकार उठाती है। वैसे कार्ड किसी भी राज्य में स्थित अस्पताल में चल सकता है। हर साल सरकार कार्ड को रिचार्ज कर देती है। इसलिए मरीज को घबराना नहीं चाहिए।
सवाल- अनुदान प्राप्त कालेज से सेवानिवृत्त हुआ हूं। अब बढ़ती उम्र को देखते हुए आयुष्मान कार्ड बनवाना चाहता हूं, लेकिन आवेदन करने में दिक्कतें आ रही है। -मुकेश शाह
जवाब- अनुदान प्राप्त कालेज से सेवानिवृत्त होने वालों को योजना के दायरे में नहीं लिया है। वैसे भी परिवार को एपीएल वाला राशन कार्ड जारी हुआ है। इसकी वजह से आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं।