Baba Ramdev इंदौर। आर्थिक मंदी का रोना रोने से कुछ नहीं होगा। इससे निपटने के लिए सरकार कड़े फैसले ले रही है। जल्दी ही परिणाम भी नजर आएंगे। निराशावादी बातों से देश को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। सवा सौ करोड़ लोगों को एक साथ इससे निपटने के प्रयास करने होंगे। जीएसटी, नोटबंदी अच्छी नीयत से उठाए गए कदम हैं। जिन लोगों को सीएए और एनआरसी का फुलफॉर्म तक पता नहीं, वे इनका विरोध कर रहे हैं। यह बात योग गुरु बाबा रामदेव ने सोमवार को इंदौर में मीडिया से चर्चा में कही। वे पतंजलि द्वारा रुचि सोया के अधिग्रहण के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर आए थे। आर्थिक मंदी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी को 'डाइजेस्ट' करने में समय लगेगा। ये दोनों अच्छी नीयत से उठाए गए कदम हैं। एनआरसी के नाम पर देश में एनार्की की जा रही है। आज छात्र 'नेहरू वाली आजादी चाहिए', 'गांधी वाली आजादी चाहिए' कहते-कहते 'जिन्ना वाली आजादी चाहिए' के नारे लगा रहे हैं। यह अच्छी बात नहीं है।

कमलनाथ को बताया दूरदर्शी

रामदेव ने सीएम कमलनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि वे दूरदर्शी व्यक्ति हैं। उनके जितने अच्छे संबंध पूर्व सीएम शिवराजसिंह चौहान से थे, उतने ही कमलनाथ से भी हैं। कमलनाथ को पता है कि प्रदेश में सरकार कैसे चलानी है। बाबा ने कहा कि उनकी प्रदेश सरकार से केमिस्ट्री अच्छी है। प्रदेश सरकार ने खुद द्वार खोल पतंजलि को उद्योग लगाने के लिए आमंत्रण दिया है।

पढ़ा-लिखा बाबा हूं....

एक सवाल पर रामदेव ने कहा कि मैं पढ़ा-लिखा बाबा हूं। जब भी मुझे लगता है कि किसी मुद्दे को लेकर बोलना चाहिए तो मैं बोलता हूं। सिर्फ मीडिया में आने के लिए बोलने वालों में से मैं नहीं हूं।

सावरकर महान स्वतंत्रता सेनानी

रामदेव ने कहा कि वीर सावरकर महान स्वतंत्रता सेनानी थे। किसी एक बात को लेकर उनके पूरे चरित्र पर लांछन नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गांधी और नेहरू से कभी कोई गलती नहीं हुई होगी। इसे लेकर ओछी बात नहीं करना चाहिए। कांग्रेस के 'इंदिरा गांधी बैक' कैंपेन को लेकर बाबा ने कहा कि दादी का प्रतिरूप पोती में आए तो यह अच्छी बात है। मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष जरूरी है।

कौवे के पीछे भाग रहे हैं, कान कोई नहीं देख रहा

बाबा रामदेव ने कहा कि सीएए और एनआरसी को लेकर कौवे और कान वाला किस्सा सही साबित हो रहा है। किसी ने एक व्यक्ति से कह दिया कि तुम्हारा कान कौवा काटकर ले गया है। वह व्यक्ति कौवे के पीछे भागने लगा। उसने कान को हाथ लगाकर वास्तविकता जानने की कोशिश तक नहीं की। यही स्थिति सीएए और एनआरसी को लेकर भी है। पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर उन्होंने कहा कि इसका भारत में विलय होना चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network