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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vaikuntha Ekadashi: मोक्ष की कामना से सर्द सुबह वैकुंठ द्वार में किया प्रवेश

Vaikuntha Ekadashi: इंदौर के लक्ष्मी-वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में गरुड वाहन पर निकली भगवान वैकुंठनाथ की सवारी, सैकड़ों वैष्णवजन हुए शामिल।

By Hemraj YadavEdited By: Hemraj Yadav
Publish Date: Mon, 02 Jan 2023 06:05:22 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Jan 2023 06:05:22 PM (IST)
Vaikuntha Ekadashi: मोक्ष की कामना से सर्द सुबह वैकुंठ द्वार में किया प्रवेश

Vaikuntha Ekadashi: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वैकुंठ एकादशी पर मोक्ष की कामना से सोमवार सुबर 4.30 बजे से सैकड़ों वैष्णवजन ने लक्ष्मी-वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग पर बनाए गए वैकुंठ द्वार में प्रवेश किया। ठंड से बचाव के लिए मंदिर में 10 हीटर भी लगाए गए थे। इस बीच आतिशबाजी के साथ भगवान वैकुंठनाथ की सवारी निकाली गई। इस खास अवसर का साक्षी बनने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त आए थे।

इस खास अवसर के लिए मंदिर को दीपों से सजाया गया था। परिसर चंदन की खुशबू से महकर रहा था। इस बीच प्रभु वेंकटेश गरुड़ वाहन पर सवार होकर हजारो भक्तों के साथ वेंकटरमण गोविंदा श्री निवासा गोविंदा के जयघोष के साथ परिक्रमा पर निकले। उनके पीछे वेणुगोपाल संस्कृत पाठशाला के विद्यार्थी स्तोत्र पाठ और वेंकटेश महिला मंडल प्रस्तुति देते चल रहे थे।


स्वीडन से आए भक्त - शास्त्रोक्त पद्धति द्वारा विधि विधान से बैकुंठ द्वार का पूजन यजमान मालू परिवार द्वारा किया गया। नागोरिया पीठाधिपति स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज ने दिव्य बैकुंठ द्वार को खोलकर सभी भक्तों को साथ लेकर प्रवेश किया।द्वार के अंदर की ओर से श्री रामानुज स्वामी के श्री विग्रह को लेकर अगवानी की। इस वर्ष स्वीडन से विशेष रूप से उत्सव के लिए अखिलेश मंडोवरा सपरिवार आए हैं। उन्होंने बताया कि वे आनलाइन इस उत्सव का दर्शन करते थे, तभी से उन्होंने मन बना लिया था कि हमें इस उत्सव शामिल होना है। इस अवसर पर अर्चक मुकुंद रामानुजदास, मनोहर शास्त्री आदि मौजूद थे।