
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के बायज हॉस्टल में रविवार सुबह बड़ा हादसा टल गया। हॉस्टल परिसर की ब्लाक-3 की बिल्डिंग का बाहरी छज्जे का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। घटना के समय जूनियर डॉक्टरों की कारें नीचे पार्क थीं। छज्जा गिरने से कारों के कांच फूट गए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। बिल्डिंग के लैंटर्न पर लगे एसी का एक कंप्रेसर भी टूट गया।
गनीमत रही कि घटना के वक्त कारों के आसपास कोई नहीं था। अन्यथा यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। जिन छात्रों की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है, उन्होंने हादसे और वाहनों को हुए नुकसान की जानकारी डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया को लिखित में दी है।
हॉस्टल परिसर की जिस ब्लाक-3 की बिल्डिंग का छज्जा गिरा, उसकी हालत काफी जर्जर है। भवन को देखकर लगता है कि सालों से इसका मेंटेनेंस नहीं किया गया है। नाम न छापने की शर्त पर छात्रों ने कहा कि कई बार जिम्मेदारों को परेशानी बता चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी हल नहीं निकला है।
ब्लाक-3 की तरह ही ब्लाक-4 और ब्लाक-5 के हालात भी ज्यादा अच्छे नहीं हैं। ब्लाक-4 में वाशरूम में लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वाश बेसिन टूटे पड़े हैं और बाथरूम के गेट नदारद हैं। लंबे वक्त से मेंटेनेंस न होने की वजह से समस्या काफी बढ़ गई है।
ब्लाक-5 के परिसर को बने हुए ज्यादा साल नहीं हुए हैं, लेकिन उसकी भी हालत खराब होने लगी है। बिल्डिंग के बाहर से ही दीवारों पर लीकेज के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद छात्रों ने मांग की है कि हॉस्टल की सभी पुरानी बिल्डिंगों का स्ट्रक्चर ऑडिट कराकर तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न दोहराई जाए।
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मैं फिलहाल हॉस्टल में नहीं हूं। निरीक्षण करने के बाद ही घटना के बारे में कुछ कह पाऊंगा। - अरविंद मंडलोई, वार्डन, ब्लाक-3
मैं शहर में नहीं हूं, आउट ऑफ स्टेशन हूं। कल आकर ही इस मामले में बात कर पाऊंगा। -डा. राकेश विजयवर्गीय, चीफ वार्डन