
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पुलिस ने लापरवाह बैंक और अफसरों को लचर सुरक्षा सुधारने की हिदायत दी है। अफसरों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बैंक वाले या तो गार्ड नहीं रखते या फिर उम्रदराजों को खाली बंदूक देकर खड़ा कर देते हैं। ज्यादातर गार्ड अफसरों की चाकरी में ही लगे रहते हैं। शहर की पुलिस अब रोजना सिक्युरिटी ऑडिट भी करेगी।
डीसीपी जोन-2 संपत उपाध्याय ने मंगलवार को आठ थाना क्षेत्रों के बैंक अफसरों के साथ सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए बैठक बुलाई थी। डीसीपी उपाध्याय ने कहा कि हमारे पुलिस अधिकारी बैंकों में सुरक्षा की जांच करवा रहे हैं। ज्यादातर का मानना है कि कई बैंकों के अलार्म सिस्टम खराब पड़े है। बैंकों में आने जाने वालों का किसी के पास हिसाब नहीं है। एसीपी खजराना जयंत राठौर ने कहा कि कुछ साल पूर्व बैंकों में सिलसिलेवार डाका पड़ा था। जब हम वहां पहुंचे तो बैंकों की लापरवाही मिली। वहां सीसीटीवी फुटेज स्पष्ट नहीं मिले। डकैत किधर से आए थे और किधर चले गए यह भी साफ नहीं हुआ। इन बैंकों में सुरक्षा के लिए कैमरे लगे होते हैं, लेकिन उनका दिशा निर्धारण सही नहीं होता। बैंकों को ब्रांच के बाहर सड़क पर आने-जाने वालों से कोई मतलब नहीं होता है। वह सीसीटीवी की दिशा ब्रांच के अंदर ही रखते हैं। बाहर की ओर कोई कैमरा नहीं होता, जिस कारण घटना के बाद आरोपी आसानी से भाग जाते हैं।
बैठक के दौरान मौजूद बैंक अफसरों ने पुलिस की बात से सहमति जताते हुए कहा कि थाना प्रभारियों से चर्चा कर जल्द ही यह कमियां दूर की जाएंगी। इन्होंने कुछ जगहों पर कैमरों की कमी स्वीकारी और कहा कि अब बैंक के बाहर भी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि दूर से आने वाला व्यक्ति भी नजर आ सकें। बैंक में आने वाले प्रत्येक ग्राहक को कैमरे के सामने से गुजरना पड़े, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।