
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा कांड की सीबीआइ जांच की मांग करते हुए एक जनहित याचिका हाई कोर्ट में प्रस्तुत हुई है। शुक्रवार को इसमें सुनवाई हुई। याचिका में इस पूरे मामले की सीबीआइ जांच और तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता पुनीत शर्मा ने यह याचिका एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से प्रस्तुत की है।
उन्होंने बताया कि याचिका में कहा है कि भागीरथपुरा कांड में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन किसी जिम्मेदार के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। याचिका में यह भी कहा है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइप लाइन बदलने के टेंडर कई माह पहले तय हो चुके थे, लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने इन्हें अटकाए रखा। इसके चलते लाइनें बदली नहीं जा सकीं और दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंचता रहा। इसी पानी को पीने से लोग बीमार हुए और उनकी जान गई।
याचिका में कहा है कि प्रारंभिक रूप से इस पूरे घटनाक्रम के लिए तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप यादव जिम्मेदार हैं, लेकिन उनके विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। शासन ने भागीरथपुरा कांड के बाद यादव के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उन्हें पदोन्नत कर दिया।
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एडवोकेट ओझा ने बताया कि कोर्ट ने शुक्रवार को प्रारंभिक तर्क सुने हैं। कोर्ट अब इस मामले में 16 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में विस्तृत सुनवाई करेगी।