भागीरथपुरा कांड: थम नहीं रहा दूषित पानी से जान जाने का सिलसिला, अब 14वीं मौत
भागीरथपुरा के रहवासी पिछले कई दिनों से ड्रेनेज मिला पानी पी रहे थे। निगम नर्मदा जल के नाम पर जो पानी उनके घरों तक सप्लाय कर रहा था वह पीना तो दूर इस्त ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 01 Jan 2026 08:07:32 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Jan 2026 08:29:23 PM (IST)
इंदौर के भागीरथपुरा में नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला।HighLights
- भागीरथपुरा में अब 43 वर्षीय मजदूर ने तोड़ा दम
- मेडिकल कॉलेज, नगर निगम की लैब से हुई पुष्टि
- पता चला कि ड्रेनेज मिला पानी पी रहे थे रहवासी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में दूषित पानी से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। कुलकर्णी नगर निवासी 43 वर्षीय व्यक्ति की दूषित पानी पीने के बाद तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। यह व्यक्ति भागीरथपुरा में मजदूरी करता था। शहर में दूषित पानी से होने वाली यह 14 वीं मौत है।
इधर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज और नगर निगम की लैब भेजे गए पानी के सैंपलों की रिपोर्ट गुरुवार को जारी हो गई। इसमें पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा के रहवासी पिछले कई दिनों से ड्रेनेज मिला पानी पी रहे थे। निगम नर्मदा जल के नाम पर जो पानी उनके घरों तक सप्लाय कर रहा था वह पीना तो दूर इस्तेमाल के लायक भी नहीं था। भागीरथपुरा में गुरुवार को भी उल्टी-दस्त के मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी रहा।
राहत की बात यह रही कि इक्का-दुक्का मरीजों को छोड़कर शेष सभी को प्राथमिक उपचार के बाद घर रवाना कर दिया गया। गुरुवार सुबह ही केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने चार मृतकों के स्वजन को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि के चेक भी सौंपे। इस दौरान उन्हें रहवासियों का आक्रोश भी झेलना पड़ा।
दूषित पानी की वजह से जिस 43 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है उसका नाम अरविंद लिखार है। स्वजन ने बताया कि वह बेलदारी करता था और पिछले कई दिनों से भागीरथपुरा में मजदूरी करने जा रहा था।
रविवार को भी वह मजूदरी करने वहां गया था। दोपहर में वह काम से लौट आया। पिता हीरालाल ने पूछा तो उसने बताया कि उसे उल्टी-दस्त हो रहे हैं। उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां से दवाई-गोली लेकर वह घर आ गया। इसके बाद से ही वह बीमार चल रहा था।
बुधवार को स्थिति गंभीर हुई तो पिता उसे लेकर एमवायएच पहुंचे। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हीरालाल ने बताया कि अरविंद परिवार में इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसके तीन बच्चे हैं। दूषित पानी की वजह से तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
महीनों से दूषित पानी पी रहे थे रहवासी
सोमवार को भागीरथपुरा में बड़ी संख्या में उल्टी-दस्त के मरीज सामने आने के बाद निगम ने लोगों के घरों से पानी का सैंपल लेकर एमजीएम मेडिकल कालेज और नगर निगम की लैबों में जांच के लिए भेजा था। गुरुवार को इन दोनों जगह से जांच रिपोर्ट आ गई। दोनों ही जगह इस बात की पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा के रहवासी जिस पानी को नर्मदा जल समझकर पी रहे थे वह दरअसल ड्रेनेज मिला हुआ था। इस पानी में बेक्टेरिया पाए गए हैं। पीना तो दूर यह इस्तेमाल के लायक तक नहीं था।
पांच नंबर जोन में बढ़ी जल सबंधित शिकायतें, जिम्मेदार अफसर बेखबर
- भागीरथपुरा में दूषित जल से दर्जनों मौत के बाद निगम के अधिकारी जल संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।
- साल के पहले दिन दोपहर 2.30 बजे तक इंदौर-311 हेल्पलाइन पर पिछले 24 घंटे में 206 जल संबंधित पहुंची। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें जोन नंबर पांच की हैं।
- इन जोन व वार्ड में पानी सबसे ज्यादा दूषित पानी की परेशानी
- जोन वार्ड कुल शिकायतें पिछले 24 घंटे में पिछले सात दिन में जिम्मेदार अधिकारी
- 5 20,23,27 140 67 43 सुधीर गुलवे
- 4 11,12,13,17 105 11 70 गीत मनोचा
- 11 48,54,55,60 87 6 71 प्रवीण शर्मा
- 10 39,40,42,43,49 76 13 41 मनोज जैन
- 16 1,3,14,15 70 6 71 मोहन टांक
- 22 जोन के तहत शहर में 1 जनवरी तक दूषित जल संबंधित 1131 शिकायतें
- पिछले 24 घंटे में 206 शिकायतें
- पिछले सात दिन में 668 शिकायतें
- नोट: इंदौर 311 हेल्पलाइन पर 1 जनवरी दोपहर 2.30 तक शिकायतों के आंकड़े
विजयवर्गीय ने सौंपे सहायता राशि के चेक
- भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में मृत लोगों के स्वजन को मुख्ममंत्री ने दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी।
- गुरुवार सुबह केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे और चार मृतकों के स्वजन को दो-दो लाख रुपये राशि के चेक सौंपे।
- इस दौरान उन्हें रहवासियों का आक्रोश भी झेलना पड़ा। रहवासियों का कहना था कि शासन सिर्फ चार मौत की बात स्वीकार रहा है जबकि वास्तविकता यह है कि मौत का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है।
- हालांकि विजयवर्गीय ने भी यह बात स्वीकारी की स्वास्थ्य विभाग भले ही दूषित पानी से चार लोगों की मौत की बात कर रहा है लेकिन वास्तविकता में आंकड़ा इससे ज्यादा है।
- उन्होंने कहा कि हम इस बात की जांच करेंगे। अगर किसी की मौत डायरिया से हुई है तो उसके स्वजन को सहायता राशि दी जाएगी।