
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में दूषित पानी से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। भागीरथपुरा निवासी 68 वर्षीय महिला की दूषित पानी पीने के बाद तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शहर में दूषित पानी से होने वाली यह 15वीं मौत है।
हालांकि सरकार अब भी उल्टी-दस्त से सिर्फ चार मौत होने की बात स्वीकार रही है। हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिकाओं में शुक्रवार को हुई सुनवाई में शासन की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश हुई। इसमें कहा कि भागीरथपुरा में उल्टी दस्त के 294 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
इनमें से 93 उपचार के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। शेष भर्ती मरीजों में से 32 आइसीयू में हैं। उल्टी-दस्त से अब तक चार मौत हुई है। हालांकि देर शाम अतिरिक्त महाधिवक्ता रोहित सेठी ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त से आठ मौत होने की बात स्वीकारी।
सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सरकार ने सिसोनिया का तबादला करते हुए उन्हें इंदौर नगर निगम से हटाकर किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग भेजा दिया है। सरकार ने इंदौर निगम में तीन नए अपर आयुक्त नियुक्त किए हैं। जलकार्य विभाग के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव से भी प्रभार वापस ले लिया गया है।
भागीरथपुरा मामले में चल रही याचिकाओं की सुनवाई के दौरान ट्रेजर टाउनशिप के रहवासी भी कोर्ट पहुंचे। उन्होंने एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से याचिकाओं में इंटरविनर बनने के लिए आवेदन दिया। रहवासियों ने बताया कि टाउनशिप में पिछले कई माह से दूषित पानी आ रहा है। रहवासी परेशान हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
दूषित पानी की वजह से शुक्रवार को जिस 68 वर्षीय महिला की मौत हुई है उसका नाम गीताबाई ध्रुवकर है। स्वजन ने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें करीब दस दिन पहले एमवायएच में भर्ती कराया गया था। बाद में 31 दिसंबर को उन्हें अरबिंदो अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। स्वजन ने बताया कि दूषित पानी की वजह से परिवार के अन्य सदस्यों की तबीयत भी खराब हो रही है।
कोर्ट में पेश रिपोर्ट गुरुवार तक की है
हमने कोर्ट में जो रिपोर्ट पेश की है वह गुरुवार शाम तक की है। शुक्रवार सुबह हमारे पास अपडेट आने के बाद भागीरथपुरा मामले में आठ मौत की पुष्टि हुई है। इसमें से छह मौत डायरिया की वजह से हुई है जबकि शेष दो की रिपोर्ट नहीं मिली है। शुक्रवार को सुनवाई नियमित बैंच के समक्ष नहीं हुई इस वजह से हम यह बात कोर्ट के समक्ष नहीं रख सके।
राहुल सेठी, अतिरिक्त महाधिवक्ता हाई कोर्ट इंदौर खंडपीठ
समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं
इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं। इस दृष्टि से सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष तथा आयुक्त एवं जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग व अन्य संबंधित मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक बुलाई। इसमें पूरे प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
मोहन यादव, मुख्यमंत्री