
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में भागीरथपुरा दूषित पानी के मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सिंघार ने कहा कि मामले की फाइल महापौर के पास 66 दिन तक रुकी रही, आखिर फाइल क्यों रोकी गई? उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी लेन-देन के लिए फाइल रोकी गई थी?
सिंघार ने कहा कि आठ महीने बाद भी दूषित पानी की समस्या खत्म नहीं हुई और अब तक किसी जनप्रतिनिधि की जवाबदारी तय नहीं हुई। रामकी कंपनी की भूमिका की जांच की मांग करते हुए सिंघार ने कहा कि सरकार रिपोर्ट में जिम्मेदारी तय करने से क्यों बच रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से रिपोर्ट पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की, जवाब नहीं मिला तो कांग्रेस फिर आंदोलन करेगी।
गौरतलब है कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के मामले में सार्वजनिक हुई रिपोर्ट में कई अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। इसके बाद से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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