
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग तबीयत खराब होने के बाद अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। ऐसे में क्षेत्र में रह रहे लोगों में पानी को लेकर इतना डर है कि वे नगर निगम के टैंकर द्वारा पानी की सप्लाई होने के बाद भी बाहर से केन मंगवाकर पी रहे हैं। टैंकर के जरिए जो पानी सप्लाई किया जा रहा है उसे भी उबालकर उपयोग किया जा रहा है।
नगर निगम के टैंकर भागीरथपुरा में अलग-अलग इलाकों में रोज स्वच्छ पानी उपलब्ध करवा रहे हैं, लेकिन लगातार मौतों के बढ़ते आंकड़े और रोज सामने आ रहे नए मरीजों को देखते हुए क्षेत्र में अब भी डर का माहौल है। टैंकर से लिया गया पानी उबालकर इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ लोग तो इतने डरे हुए हैं कि वे बाहर से मिनरल वॉटर का कैन लाना ही सही समझ रहे हैं।
भागीरथपुरा में नर्मदा पाइप लाइन से मिले पानी की जांच में ई-कोलाई और शिगेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया भी मिले हैं। डॉक्टरों की मानें तो यह बैक्टीरिया मानव मल में पाए जाते हैं। ऐसे में इससे यह साफ हो जाता है कि ड्रेनेज लाइन का पानी नर्मदा लाइन में आ रहा था। इलाके के लोग जिस पानी को शुद्ध समझकर पी रहे थे, वह संक्रमित था।