• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भोजशाला केस : हाई कोर्ट ने कहा सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश मिलने के बाद ही आगे होगी सुनवाई

मध्य प्रदेश में धार की भोजशाला में एएसआई सर्वे की रिपोर्ट पिछले दिनों हाईकोर्ट में पेश हुई थी। इस मामले में आज सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी ...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 22 Jul 2024 12:28:07 PM (IST)Updated Date: Mon, 22 Jul 2024 03:18:23 PM (IST)
भोजशाला केस : हाई कोर्ट ने कहा सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश मिलने के बाद ही आगे होगी सुनवाई
धार की भोजशाला में हाईकोर्ट के आदेश के बाद एएसआई ने किया था सर्वे। फाइल फोटो

HighLights

  1. हाई कोर्ट में कुछ पक्षकारों ने कहा कि उन्हें एएसआई ने सर्वे की कॉपी नहीं दी है।
  2. इस पर कोर्ट ने कहा कि पहले ही सभी को सर्वे रिपोर्ट की कॉपी देने को कहा था।
  3. कलामुद्ददीन वेलफेयर सोसायटी ने कहा कि रिपोर्ट पढ़ने के लिए समय दिया जाए।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर (Dhar Bhojshala Case)। धार भोजशाला मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद सोमवार को पहली सुनवाई हुई। सभी पक्षकारों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने कोर्ट को बताया कि हमने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन देकर 1 अप्रैल 2024 को दिए स्टे को निरस्त करने की गुहार लगाई है। इस आवेदन पर दो सप्ताह में सुनवाई होना है।

दूसरी तरफ मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की तरफ से उपस्थित हुए वरिष्ट अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि एएसआई ने जो रिपोर्ट प्रस्तुत की है वह बहुत विस्तारित है। हमें इसके अध्ययन के लिए कम से कम चार सप्ताह का समय दिया जाए।


naidunia_image

तब तक सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के आवेदन पर सुनवाई भी हो जाएगी। कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और हम वहां से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही आगे सुनवाई कर सकेंगे। इसलिए हमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करना चाहिए। हम अगली सुनवाई कब होगी इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी कर देंगे।

हमें नहीं मिली सर्वे रिपोर्ट की कॉपी

सुनवाई के दौरान कुछ पक्षकारों ने हाई कोर्ट को बताया कि एएसआई ने हमें अब तक सर्वे रिपोर्ट की कॉपी नहीं दी है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि हमने एएसआई को स्पष्ट निर्देश दिया था कि वह सभी पक्षकारों को सर्वे रिपोर्ट की कॉपी दें। कोर्ट ने एएसआई के वकील हिमांशु जोशी से कहा कि संबंधित पक्षकारों को आज भी सर्वे रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध करा दीजिए।

naidunia_image

यह कहा है सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत आवेदन में

हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत आवेदन में 1 अप्रैल 2024 को दिए स्टे को निरस्त करने की मांग की गई है। दरअसल मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 11 मार्च 2024 को एएसआई को आदेश दिया था कि वह भोजशाला परिसर का अत्याधुनिक तकनीकों से सर्वे करे और रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें।

मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की है। इसमें सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल 2024 को इस याचिका में सर्वे पर रोक तो नहीं लगाई लेकिन हाई कोर्ट को आदेश दिया कि वह एएसआई की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कोई आदेश जारी नहीं करे। हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की ओर से प्रस्तुत आवेदन में इस स्टे को हटाने की मांग की गई है ताकि हाई कोर्ट सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सके।

15 जुलाई 2024 को प्रस्तुत हुई है सर्वे रिपोर्ट

एएसआई ने 98 दिन चले सर्वे के बाद तैयार सर्वे रिपोर्ट 15 जुलाई 2024 को बंद लिफाफे में हाई कोर्ट पटल पर प्रस्ततु कर दी थी। इसकी कुछ प्रतियां याचिका से जुड़े पक्षकारों को भी दी गई हैं। इन पक्षकारों का दावा है कि दो हजार पन्नों से ज्यादा की इस रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो रही है कि भोजशाला मंदिर ही है।

भोजशाला और परिसर में मिले स्तंभ भी इसकी पुष्टि करते हैं। एएसआई को भोजशाला की खोदाई में कई प्राचीन मूर्तियां और अन्य अवशेष मिले हैं जो इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि भोजशाला मंदिर ही है।