
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में एक बार फिर भाजपा की गुटबाजी सामने आई। लगभग सात मिनट के संबोधन में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नर्मदा के चौथे चरण को लाने का पूरा श्रेय महापौर पुष्यमित्र भार्गव को देते हुए कहा कि आज की तारीख और महापौर का नाम याद रखा जाएगा। महापौर बनने के बाद जब पहली बार भार्गव मुझसे मिलने आए थे तो मैंने उनसे कहा था कि आप पानी को लेकर काम करो और आज उन्होंने यह कर दिखाया।
विजयवर्गीय ने अपने भाषण में न पूर्व महापौर विधायक मालिनी गौड़ का नाम लिया न पूर्व विधायक लखन गौड़ का उल्लेख किया, जबकि कार्यक्रम विधानसभा क्षेत्र चार में हुआ। इसी तरह पूर्व महापौर विधायक मालिनी गौड़ ने अपने संबोधन में महापौर भार्गव का नाम लेने से परहेज किया।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने संबोधन में कहा कि यह भूमिपूजन भविष्य के इंदौर की आधारशिला है। उन्होंने नर्मदा के चौथे चरण की 1100 करोड़ रुपये की योजना को बढ़ाकर 2600 करोड़ रुपये करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद दिया।
दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन भी आमंत्रित थे। वे कार्यक्रम में पहुंचे भी लेकिन उन्हें मंच पर बैठने के लिए कुर्सी ही नहीं दी गई। उन्होंने कार्यक्रम की व्यवस्था देख रहे महापौर परिषद सदस्य अभिषेक शर्मा बबलू से इस बारे में संवाद किया, जिसके बाद सत्तन नाराज होकर कार्यक्रम छोड़कर चले गए। नईदुनिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि मैंने कार्यक्रम में से अनुपस्थित रहकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर दी है।
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होर्डिंग से पट गया था अन्नपूर्णा मार्ग। महू नाका चौराहा से कार्यक्रम स्थल को सड़क के दोनों ओर होर्डिंग से पाट दिया गया था। एक गुट द्वारा लगाए गए होर्डिंग से दूसरे गुट के वरिष्ठ गायब थे तो दूसरे गुट द्वारा लगाए गए होर्डिंग से पहले गुट के। कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया था, लेकिन लौटने का कोई इंतजाम नहीं था। कार्यकर्ता परेशान होते रहे।