
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम में पदस्थ उपयंत्री हर्ष गहलोत को रिश्वत लेते रंग हाथों पकड़ा है। आरोपित उपयंत्री टैंकर संचालक से बिल राशि पास करने और लागबुक का सत्यापन करने के बदले छह हजार रुपये की मांग कर रहा था। पीड़ित ने उसकी आवाज रिकार्ड कर लोकायुक्त को शिकायत कर दी और बुधवार को पांच हजार रुपये देते हुए ट्रैप करवा दिया। एसपी(लोकायुक्त) डा.राजेश सहाय के मुताबिक नायता मुंडला निवासी सोहेल पटेल द्वारा भ्रष्टाचार संबंधित शिकायत की थी।
सोहेल ने नगर निगम में अपना पानी का टैंकर अटैच कराया था। इसके तीन माह का कुल 1 लाख 12 हजार 500 रुपये का बिल भुगतान के लिए लंबित था। बिल पास कराने के लिए लागबुक का सत्यापन होना था। इस प्रक्रिया के लिए जोन क्रमांक-13 में पदस्थ उपयंत्री हर्ष गेहलोत उससे छह हजार रुपये मांग रहा था।
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस ने उसका सत्यापन किया और बुधवार को ही उपयंत्री के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। उपयंत्री ने सोहेल को पांच हजार रुपये लेकर बुलाया था। वह जोन से निकल कर चाणक्यपुरी चौराहा स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंच गया था। जैसे ही सोहेल ने उसको रुपये सौंपे लोकायुक्त ने उपयंत्री को पकड़ लिया।
प्रतिमाह दो हजार रुपये कमिशन तयजांच में पता चला निगम अफसरों से कईं टैंकर चालक परेशान है। लागबुक बुक का सत्यापन करने के लिए 2 हजार रुपये प्रतिमाह लिया जाता है। रुपये न देने पर टैंकर के फेर में कमी बता कर बिल रुकवा देते है। उधर उपयंत्री हर्ष की गिरफ्तारी के दौरान उसका भाई चौराहा से गुजरा तो दृश्य देखकर रुक गया। उसने अफसरों से कहा कि थोड़ा लेनदेन तो नगर निगम में चलता है। निरीक्षक आशुतोष मिठास ने उसको समझाया कि रिश्वत लेना अपराध है। 30 वर्षीय हर्ष की अनुपंका नियुक्ति है।