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बसें नहीं चलीं, लेकिन 100 करोड़ रुपये में बने इंदौर के कुमेड़ी आईएसबीटी में लग गई भंडारे की पंगत

Kumedi ISBT: इंदौर विकास प्राधिकरण यानी आईडीए द्वारा 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना टंट्या मामा भील अंतरराज्यीय बस टर्मिनल कुमेड़ी अभी तक यात्...और पढ़ें

By prem jatEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 18 Aug 2026 11:01:17 AM (IST)Updated Date: Tue, 18 Aug 2026 11:10:13 AM (IST)
बसें नहीं चलीं, लेकिन 100 करोड़ रुपये में बने इंदौर के कुमेड़ी आईएसबीटी में लग गई भंडारे की पंगत
टर्मिनल में भंडारे के दौरान भोजन करते लोग।

HighLights

  1. सावन मास के अवसर पर आईएसबीटी परिसर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भंडारे का आयोजन हुआ
  2. टर्मिनल के अंदर पूरियां तली गईं और यात्रियों के लिए बनी सीटों पर लोगों को बैठाकर प्रसाद परोसा गया
  3. आयोजन के लिए आईडीए से अनुमति नहीं ली गई थी, आईडीए सीईओ ने कहा- मामले की जांच कराएंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) द्वारा 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार टंट्या मामा भील अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) कुमेड़ी अभी तक यात्रियों के लिए शुरू नहीं हो सका, लेकिन अब इसका उपयोग भंडारे के लिए होने लगा है। सावन मास के अवसर पर आइएसबीटी परिसर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया।

एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाले इस आधुनिक टर्मिनल के अंदर पूरियां तली गईं और यात्रियों के लिए बनी सीटों पर लोगों को कतार में बैठाकर प्रसाद परोसा गया। अभी तक आईएसबीटी से बसों के संचालन की तारीख तय नहीं हो पाई है। ऐसे में 100 करोड़ की लागत से बने टर्मिनल का असल उद्देश्य पूरा होने के बजाय धार्मिक आयोजनों में इस्तेमाल हो रहा है।


दो साल से बंद, अब भंडारे के काम आया

आईडीए ने आईएसबीटी के लिए जमीन अधिग्रहण कर करोड़ों रुपये खर्च किए थे, लेकिन करीब दो साल से टर्मिनल से नियमित बस संचालन शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में आमजन के लिए बंद पड़े परिसर में आयोजन होने से इसके उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार भंडारे का आयोजन क्षेत्र के किसान सुभाष चौधरी द्वारा कराया गया था। आयोजन के लिए आईडीए से अनुमति नहीं ली गई थी। आईडीए के सीईओ परीक्षित झाड़े ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। मामले में जांच कराई जाएगी।

विरोध के बजाय सहभागिता

भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसमें शहर कांग्रेस के पदाधिकारी और पार्षद भी शामिल हुए। इसे लेकर राजनीतिक सवाल भी उठ रहे हैं। जिस आईएसबीटी के संचालन को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाता रहा है, उसी परिसर में हुए आयोजन में कांग्रेस नेताओं ने विरोध के बजाय सहभागिता की।

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