
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : अन्नपूर्णा क्षेत्र में क्रिप्टोकरेंसी देने के नाम पर व्यापारी से तीन लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले व्यापारी को 10 लाख रुपये की यूएसटीडी क्रिप्टोकरेंसी देकर उसका भरोसा जीता। इसके बाद तीन लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी देने का झांसा देकर नकद रुपए ले लिए और बिना क्रिप्टोकरेंसी दिए फरार हो गए।
व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने प्रदीप बुक्कड़ और विक्की शर्मा के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार व्यापारी सुनील चौधरी ने शिकायत में बताया कि उसकी प्रदीप से करीब तीन महीने पहले वाट्सएप के जरिए पहचान हुई थी। सितंबर 2025 में उसने प्रदीप और विक्की से 10 लाख रुपये की यूएसटीडी ली थी। क्रिप्टोकरेंसी का लेन-देन होने के बाद सुनील का दोनों पर भरोसा हो गया था।
25 सितंबर को सुनील की दोनों आरोपितों से वाट्सएप काल पर बातचीत हुई। आरोपियों ने उसे तीन लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी देने की बात कही और दशहरा मैदान बुलाया। सुनील अपने दोस्त अभिषेक के साथ वहां पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात विक्की से हुई। विक्की ने उससे तीन लाख रुपए मांगे, जो सुनील ने नकद दे दिए। विक्की उसे एक्सिस बैंक की ओर ले गया। वहां एक मशीन में 51 हजार रुपए जमा किए गए। सुनील कार में बैठकर इंतजार करता रहा। विक्की उसे कालानी नगर ले गया, जहां अलग-अलग मशीनों में रुपए जमा करवाए गए। बाद में उसे एक अन्य मशीन पर भी ले जाया गया।
पैसे जमा करवाने के बाद विक्की ने सुनील से कहा कि कुछ देर में उसके खाते में दो लाख 91 हजार रुपए की क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर हो जाएगी। सुनील काफी देर तक क्रिप्टोकरेंसी आने का इंतजार करता रहा, लेकिन विक्की लगातार उसे अलग-अलग बहाने बनाकर टालता रहा।
कुछ देर बाद वह वहां से चला गया। क्रिप्टोकरेंसी नहीं आने पर सुनील ने प्रदीप और विक्की से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद व्यापारी ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने प्रदीप बुक्कड़ और विक्की शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लेन-देन, मशीनों में जमा रकम और आरोपितों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
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