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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Madhya Pradesh News : रोक के बावजूद नागचंद्रेश्वर मंदिर में जाने वाले भाजपा नेता गोलू शुक्ला पर केस

Madhya Pradesh News : नागपंचमी पर कई रसूखदार पहुंचे थे दर्शन करने। देर रात तक फुटेज खंगालते रहे अफसर, कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के आदेश।

By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Mon, 27 Jul 2020 12:14:34 AM (IST)Updated Date: Mon, 27 Jul 2020 05:44:14 AM (IST)
Madhya Pradesh News : रोक के बावजूद नागचंद्रेश्वर मंदिर में जाने वाले भाजपा नेता गोलू शुक्ला पर केस

Madhya Pradesh News : इंदौर/उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नागपंचमी पर शनिवार को उज्जैन में महाकाल मंदिर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में आम श्रद्घालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद कई नेता, अफसर और उनके परिचित नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। कई ने फोटो खिंचवाई, सेल्फी ली और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। इसमें इंदौर के भाजपा नेता गोलू शुक्ला भी शामिल थे।

वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल फोटो के आधार पर कलेक्टर व महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति अध्यक्ष आशीष सिंह ने शुक्ला पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन लोगों को भी चिन्हित करने को कहा है जो प्रतिबंध के बावजूद मंदिर में प्रवेश कर गए थे। इन्हें न रोकने पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अफसरों ने कहा है कि अनधिकृत प्रवेश करने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।


बता दें कि महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट साल में एक बार सिर्फ नागपंचमी पर ही खुलते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए उज्जैन जिला प्रशासन ने मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बावजूद कई लोग मंदिर में पहुंच गए और दर्शन कर फोटो खिंचवाते रहे। इसके वीडियो और फोटो भी वायरल हुए। इसमें इंदौर के नेता गोलू शुक्ला भी शामिल थे।

रविवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने महाकाल मंदिर प्रशासन से जुड़े सुजानसिंह रावत को गोलू शुक्ला पर केस दर्ज करवाने और पूरे मामले की जांच करने को कहा है। इस बारे में गोलू शुक्ला का कहना है कि मैं आम भक्त की तरह ही मंदिर में दर्शन करने गया था। मेरे अलावा मंदिर में सैकड़ों लोग दर्शन करने आए थे। 20 साल मंदिर आता रहा हूं। मैंने कोई नियम नहीं तोड़ा।

नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर मंदिर में पूजा आदि परंपराएं महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा पूरी की जाती हैं। अखाड़े के महंत विनीतगिरी ने स्वीकार किया है कि मंदिर समिति ने उन्हें 30 दर्शन पास दिए थे। इन्हीं पास के जरिए वे कुछ जनप्रतिनिधि, अखाड़े के साधु व भक्तों को भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कराने ले गए थे। इधर मंदिर प्रशासक सुजानसिंह रावत का कहना है कि मंदिर प्रशासन ने दर्शन नहीं, अखाड़े में सामान लाने-लेजाने वालों के लिए पास जारी किए थे।

और भी नेता पहुंचे थे

गोलू शुक्ला के अलावा कुछ और नेताओं ने भी नागचंद्रेश्वर मंदिर में प्रवेश किया था। इनके फोटो भी सोशल मीडिया पर आए थे। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला, पूर्व मंत्री विधायक पारस जैन आदि नेता भी शामिल थे।

इस बारे में विजयवर्गीय का कहना है कि पिछले लगभग 20 साल से अखाड़े के आमंत्रण पर आयोजन में शामिल होता रहा हूं। इस बार भी महंत जी का फोन आया था, इसके लिए मैं विशेष रूप से दिल्ली से उज्जैन आया और पूजा में शामिल होकर फिर दिल्ली लौट गया। प्रशासन अखाड़े को इसके लिए पास जारी करता है, इसलिए प्रशासन की अनुमति का सवाल ही नहीं। वहीं, पूर्व मंत्री जैन ने भी कहा कि उन्हें महानिर्वाणी अखाड़े के महंत ने बुलाया था। उनका विशेष आग्रह था, इसलिए वे दर्शन करने गए थे।