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प्रेमाश्रय आश्रम में बुजुर्गों की पिटाई का मामला : शासन ने कोर्ट में पेश की स्टेटस रिपोर्ट में कहा कि पूर्व पार्षद के कहने पर दिया था भवन

शहर के महाराणा प्रताप नगर स्थित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की पिटाई के मामले में शासन और नगर निगम की परेशानी बढ़ना तय है। घटना का वीडियो वायर...और पढ़ें

By Kuldeep BhawsarEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 10:51:43 AM (IST)Updated Date: Tue, 04 Aug 2026 10:51:43 AM (IST)
प्रेमाश्रय आश्रम में बुजुर्गों की पिटाई का मामला : शासन ने कोर्ट में पेश की स्टेटस रिपोर्ट में कहा कि पूर्व पार्षद के कहने पर दिया था भवन
वृद्धाश्रम। (एआई इमेज)

HighLights

  1. कोर्ट ने कहा- 18 अगस्त से पहले बताओ इंदौर और आसपास के जिलों में कितने वृद्धाश्रम हैं, उनकी स्थिति क्या है
  2. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए याचिका दर्ज की है
  3. सोमवार को इसमें सुनवाई हुई, कोर्ट के आदेश पर शासन ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर के महाराणा प्रताप नगर स्थित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की पिटाई के मामले में शासन और नगर निगम की परेशानी बढ़ना तय है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए याचिका दर्ज की है। सोमवार को इसमें सुनवाई हुई। कोर्ट के आदेश पर शासन ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की।

कोर्ट को बताया कि प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम सामाजिक न्याय विभाग की अनुमति के बगैर संचालित हो रहा था। यह अवैध आश्रम निगम के सामुदायिक भवन में चल रहा था। भवन का आवंटन हुआ था या अवैध कब्जा था, इस बारे में निगमायुक्त से जानकारी मांगी गई है। हालांकि बताया जा रहा है कि कोई आवंटन नहीं हुआ था। एक पूर्व पार्षद के मौखिक निर्देश पर यह भवन आश्रम के लिए दे दिया गया था।


आश्रम के पास केवल फर्म एंड सोसायटी का पंजीयन मिला जो 27 नवंबर 2024 को कराया गया था। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेते हुए निर्देश दिए कि अगली सुनवाई पर बताओ कि इंदौर और आसपास के जिलों में कितने वृद्धाश्रम हैं। उनकी क्षमता कितनी है और कितने बुजुर्ग वर्तमान में वहां रह रहे हैं। उनकी स्थिति क्या है। अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।

सभी बुजुर्गों को शिफ्ट कर दिया है

सोमवार को कोर्ट में पेश स्टेटस रिपोर्ट में शासन ने कहा है कि मामला सामने आने के बाद प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में रहने वाले सभी बुजुर्गों को अन्य शासकीय वृद्धाश्रमों में शिफ्ट कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि बुजुर्गों को जहां भेजा गया है उन वृद्धाश्रमों की क्षमता और वहां कितने वृद्ध अभी किस हालत में है इसकी जानकारी मांगी। जब शासकीय वकील ने जानकारी देने के लिए समय मांगा तो कोर्ट ने उन्हें इंदौर और आसपास के जिलों के वृद्धाश्रमों की जानकारी देने के निर्देश दे दिए।

विधिक सेवा सचिव भी करेंगे निरीक्षण

मामले की जांच में अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) सचिव भी शामिल हो गए हैं। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निर्देश दिए कि डालसा सचिव उन सभी वृद्धाश्रमों का निरीक्षण करेंगे, जहां प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को शिफ्ट किया गया है। निरीक्षण के बाद वहां रह रहे बुजुर्गों की स्थिति और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी लेकर पूरी रिपोर्ट अगली सुनवाई के पूर्व हाई कोर्ट में पेश करेंगे।

यह है मामला

महाराणा प्रताप नगर में संचालित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की डंडे से पिटाई का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ था। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की तो पता चला कि आश्रम का संचालन महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसायटी द्वारा किया जा रहा था, लेकिन संस्था के पास पंजीयन और वृद्धाश्रम संचालन के लिए जरूरी अनुमति और दस्तावेज ही नहीं हैं। आश्रम में रह रहे 31 बुजुर्गों को अन्य आश्रमों में शिफ्ट किया गया था।

मौखिक कैसे हो जाता है निगम में काम

सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि आश्रम को सामुदायिक भवन आवंटन की कोई प्रक्रिया ही नहीं की गई थी। एक पूर्व पार्षद के मौखिक निर्देश पर भवन सौंप दिया गया था। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि निगम में मौखिक काम कैसे हो जाते हैं। इससे पहले भी पाइप लाइन विस्फोट मामले में एक पार्षद के मौखिक निर्देश पर बोरिंग मशीन मौके पर पहुंचने की बात सामने आई थी।

निगम ने हटाई अवैध दीवारें, जोनल अधिकारी ने लिया कब्जा

इधर सोमवार को नगर निगम ने प्रेमाश्रय आश्रम के आसपास बनाई गई अवैध दीवारों को हटा दिया। सहायक रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे ने बताया कि आश्रम के चारों तरफ दीवारें बनाई ली थी। निगम की टीम ने आश्रम खाली कराने और दीवारें हटाने के बाद इसका कब्जा जोनल अधिकारी को सौंप दिया।

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