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बींदणी’ के कलाकारों ने भोपाल में मनाई नवरात्रि, अंडरप्रिविलेज्ड बच्चियों और लोकल महिलाओं के साथ किया गरबा

रमकुड़ी का किरदार निभाने वाली चर्चित अभिनेत्री मोनिका खन्ना ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, “नवरात्रि के त्यौहार ने हमें शूटिंग से कुछ पल निकालकर ए...और पढ़ें

By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 30 Sep 2025 06:07:32 PM (IST)Updated Date: Tue, 30 Sep 2025 06:12:02 PM (IST)
बींदणी’ के कलाकारों ने भोपाल में मनाई नवरात्रि, अंडरप्रिविलेज्ड बच्चियों और लोकल महिलाओं के साथ किया गरबा

नवरात्रि देवी शक्ति का पर्व है, जहाँ बेटियों को देवी का रूप मानकर उनको पूजा जाता है। इसी भावना के साथ सन नियो के शो “प्रथाओं की ओढ़े चुन्नरी:बींदणी के कलाकार नवरात्रि पर झीलों की नगरी भोपाल पहुचे और एक खास दिन बिताया। इस दौरान कलाकार गौरी शेलगांवकर, आकाश जग्गा और मोनिका खन्ना ने प्रशंसकों से मुलाकात की और एनजीओ की अंडरप्रिविलेज्ड बच्चियों और भोपाल की लोकल महिलाओं के साथ गरबा खेला। साथ ही कई मज़ेदार एक्टिविटी का हिस्सा बनें। इन एक्टिविटीज के जरिए अपनी नवरात्री को सही मायने में सार्थक बनाया।

‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ शो की कहानी इसके मुख्य किरदार घेवर (गौरी शेलगांवकर द्वारा अभिनीत किरदार) के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक जीवंत और साहसी लड़की है और राजस्थान के एक छोटे से गाँव में बड़ी हुई है। माता-पिता को खोने के बाद उसका पालन-पोषण उसके बड़े भाई और भाभी ने किया।


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लेकिन अचानक उसकी हंसती खेलती जिंदगी में तूफ़ान तब आता है जब एक नवजात बच्चा उसके जीवन में प्रवेश करता है और ये दो दुनिया के बिलकुल अलग लोगों को एकसाथ जोड़ता है।

ऐसे में घेवर खुद को कई चुनौतीयों और संघर्ष से घिरा पाती हैं। महिला सशक्तिकरण को बयां करती यह आत्मसमर्पण, प्यार, त्याग की कहानी के बारे में अधिक जानने के लिए देखिए यह शो हर रोज़ सोमवार से रविवार, रात 9 बजे सिर्फ सन नियो पर।

अपना अनुभव साझा करते हुए घेवर का किरदार निभाने वाली गौरी शेलगांवकर ने कहा, “भोपाल शहर में नवरात्रि के इस ख़ास दिन को बिताना मेरे लिए बहुत खास रहा। यहाँ हम अपने कई ऐसे फैंस से मिले जो हमें अपने शो के किरदार के नाम से पहचानते थे, इतना ही नहीं हमने उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई।

यहाँ का सबसे यादगार पल था एनजीओ में रहने वाली उन देवियों (अंडरप्रिविलेज्ड बच्चियों)से मिलना,जिन्हें हमने उपहार स्वरुप गरबा के कपड़े भेंट किए, इतना ही नहीं उनके साथ गरबा भी खेला।

यह अनुभव और उनके चेहरे की मुस्कान दोनों बहुत ख़ास थे। यह देखते हुए सन नियो ने वास्तव में अपनी फिलॉसफी ‘दिल से जियो’को साकार किया। साथ ही एक महिला क्लब का भी दौरा किया जहाँ हमने भोपाल की लोकल महिलाओं से मुलाक़ात की और गरबा खेला। इस बार की नवरात्रि की यादों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगी।”

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कुंदन का किरदार निभाने वाले अभिनेता आकाश जग्गा ने बताया,“नवरात्रि के दौरान भोपाल आना और एनजीओ में नन्ही कन्याओं से मिलकर उनका आशीर्वाद लेना, किसी सौभाग्य से कम नहीं था।

इस ख़ास उत्सव में इन बच्चियों का परिवार बनकर उनके साथ समय बीताना और उनके साथ गरबा खेलना इस यात्रा का सबसे खूबसूरत हिस्सा रहा। भोपाल की लोकल महिलाओं से रूबरू हुए, कलाकार के रूप में अपने अनुभव साझा किए।

इस सराहनीय पहल के लिए मैं सन नियो चैनल की टीम का आभारी हूँ। इसके आलावा हम भोपाल सिटी घूमें, यहाँ के लोकल स्ट्रीट स्नैकिंग पोहा-जलेबी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का आनंद लिया।”

कहते हैं हर स्त्री देवी का रूप होती है, शायद इसी दिव्य संयोग से हमें भोपाल में इतनी देवियों से मिलने का अवसर मिला। इतना ही नहीं हमने झीलों से घिरे इस ग्रीन सिटी की खूबसूरत महिलाओं से भी मुलाक़ात की और वह सब गरबे के कपड़े में बहुत खूबसूरत लग रही थीं।

यह त्योहार हमेशा लोगों की खुशियों को दोगुना कर देता है। हमने इस शहर का खूब आनंद लिया और मैंने यहां की फेमस पिथोरा पेंटिंग भी खरीदी। यह नवरात्रि मेरे लिए अविस्मरणीय रहेगी।”

इस प्रकार, भोपाल की यह यात्रा प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी की टीम के लिए भक्ति, आनंद और एकता का उत्सव बन गई। इसने न केवल कलाकारों को अपने दर्शकों से जोड़ा, बल्कि नवरात्रि के वास्तविक भाव को भी जीवित किया क्योंकि हर बेटी और हर स्त्री में देवी के स्वरूप है।