Chalte-Chalte Indore: पार्षदों को साधने में जुटे मधु वर्मा
Chalte-Chalte Indore: विरोध के सुर इसी वार्ड से उठने की संभावना थी, जिसे राजनीति के चतुर खिलाड़ी मधु वर्मा ने बेसुरा कर दिया है।
By Sameer Deshpande
Edited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Sat, 02 Sep 2023 12:35:20 PM (IST)
Updated Date: Sat, 02 Sep 2023 12:35:20 PM (IST)
वार्ड 80 में आयोजित सहभोज कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद प्रशांत बड्वे और रहवासियों से चर्चा करते मधु वर्मा। -इंटरनेट मीडियाChalte-Chalte Indore: चलते-चलते, उज्ज्वल शुक्ला
भाजपा ने 39 सीटों पर घोषित उम्मीदवारों में इंदौर की राऊ सीट से पिछला
चुनाव हारे मधु वर्मा को मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में उन्हें शहरी इलाकों से ही कम वोट मिले थे, जिस कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में उन्होंने अभी से शहरी क्षेत्र पर फोकस करना शुरू कर दिया है। शहरी इलाके में पकड़ मजबूत करने के लिए वहां के पार्षदों को साधना बेहद जरूरी है। मधु वर्मा ने पार्षदों को अभी से साधना शुरू कर दिया है। सबसे पहले उन्होंने अपने भाई बलराम वर्मा के पुराने वार्ड के पार्षद प्रशांत बड़वे को साधने का काम किया है। बलराम वर्मा का टिकट काटकर राजेंद्र नगर के वार्ड से बड़वे को टिकट दिया गया था। ऐसे में विरोध के सुर इसी वार्ड से उठने की संभावना थी, जिसे राजनीति के चतुर खिलाड़ी मधु वर्मा ने बेसुरा कर दिया है।
पांच नंबर में कुछ तो खिचड़ी पक रही है...
इंदौर में
विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। पिछले चुनाव में मात्र 1100 वोट से जीते पांच नंबर विधानसभा में सबसे ज्यादा हलचल नजर आ रही है। मौजूदा विधायक महेंद्र हार्डिया का खुलकर विरोध तो नजर नहीं आ रहा है पर यहां के दूसरे दावेदारों के हावभाव और तेवरों से पता चल रहा है कि इस बार पांच नंबर विधानसभा की डगर आसान नहीं है। हाल ही में भाजपा के प्रदेश संगठन ने पांच नंबर के विधानसभा संयोजक हटाकर उनके स्थान पर नए नेता की नियुक्ति कर दी। पहले यहां पर हार्डिया के नजदीकी पार्षद राजेश उदावत को प्रभारी बनाया गया था, अब उनकी जगह पूर्व पार्षद रमेश भारद्वाज की नियुक्ति कर दी गई है। वर्तमान विधायक के विरोधी खेमे ने पिछले दिनों एक होटल में बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में भारद्वाज भी शामिल थे। इससे लग रहा है कि पांच नंबर में अंदरखाने कुछ खिचड़ी पक रही है।
पोस्टरों ने सियासी गलियारों में मचाई हलचल
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बयानों के साथ ही पोस्टरों की राजनीति भी देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के बीच चला पोस्टर वार थमा भी नहीं था कि मालवा अंचल में लगे कुछ पोस्टरों ने राजनीति का पारा बढ़ा दिया है। पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत के भाजपा छोड़ कांग्रेस में जाने की चर्चा कई दिन से जोरों पर है। इन चर्चाओं के बीच शेखावत को लेकर लगे पोस्टरों ने राजनीति के गलियारों में हलचल मचा दी है। बदनावर में लगे पोस्टर में लिखा हुआ है- कांग्रेस से बैर नहीं पर, आयातित भाजपाई नेता की खैर नहीं। अभी शेखावत कांग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं पर उनके शामिल होने के पहले ही कांग्रेसियों में घबराहट नजर आने लगी है। कुछ दिनों पहले बाहरी उम्मीदवार के विरोध में इस प्रकार के पोस्टर महू क्षेत्र में नजर आए थे।
अध्यक्ष कर रहे नवाचार, समाजजन चल रहे पुराने ढर्रे पर
आज का दौर नवाचारों का दौर कहा जाता है। ऐसे में सरकारों से लेकर कई समाज भी नवाचार करने में पीछे नहीं रह रहे हैं। अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के नए सभापति संदीप काबरा ने भी पदभार ग्रहण करते ही समाज में नवाचारों की शुरुआत कर दी है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर समाजजनों को पांच नई योजनाओं की सौगात दी है। समाज में परिवर्तन करने के लिए इन योजनाओं की खूब प्रशंसा हो रही है। दूसरे कई समाज भी ऐसी योजनाएं लाने पर विचार कर रहे हैं तो इंदौर में माहेश्वरी समाज की विभिन्न संस्थाएं अभी भी पुराने ढर्रे पर ही चल रही हैं। इन संस्थाओं ने भागवत कथा, महारास और कांवड़ यात्रा जैसे पुराने ढर्रे के आयोजनों पर करीब 75 लाख रुपये खर्च कर दिए। भीड़ और शक्ति प्रदर्शन की दृष्टि से ये आयोजन भले ही सफल रहे हो पर समाज के अंतिम आदमी के विकास में इन कार्यक्रमों का कोई योगदान नहीं है।