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इंदौर में 8 करोड़ रुपये की मशीन खरीदी घोटाले में फंसे एमजीएम डीन, अवर सचिव ने जारी किया आरोप पत्र

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में करीब आठ करोड़ रुपये की एनजीएस मशीन खरीदी मामले में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया को आरोप ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 07:39:39 AM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 07:46:58 AM (IST)
इंदौर में 8 करोड़ रुपये की मशीन खरीदी घोटाले में फंसे एमजीएम डीन, अवर सचिव ने जारी किया आरोप पत्र
मेडिकल कॉलेज। -फाइल फोटो

HighLights

  1. एमजीएम मेडिकल कॉलेज में करीब आठ करोड़ रुपये की एनजीएस मशीन खरीदी मामला
  2. लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया को आरोप पत्र जारी किया है
  3. एमवाय अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव को आरोप पत्र तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में करीब आठ करोड़ रुपये की एनजीएस मशीन खरीदी मामले में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया को आरोप पत्र जारी किया है। एमवाय अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव को आरोप पत्र तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. घनघोरिया को आरोप पत्र मिलने के 15 दिन में अपना जवाब देना होगा।

आरोप पत्र में तीन आरोप लगाए गए हैं। पहला, साल 2022 से कॉलेज में उपलब्ध एनजीएस मशीन की स्थिति, उपयोगिता, जरूरी सामग्री और एएमसी के जरिए उसे दोबारा चालू करने की संभावना का उचित परीक्षण किए बिना नई मशीन खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। यह 12 अप्रैल 2025 की कार्यकारिणी समिति की अनुशंसा के विपरीत बताया गया है।


दूसरे आरोप में कहा गया है कि शासन को भेजे प्रस्ताव में एमडीयूआरयू योजना के तहत केंद्र से मिली करीब चार करोड़ रुपये की शेष राशि की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई और इसके बावजूद करीब आठ करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मांगी गई। तीसरे आरोप में इसे वित्तीय अनुशासन और शासकीय धन के मितव्ययी उपयोग के विपरीत बताया गया है। आरोप पत्र में इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन और दंडनीय कदाचार बताया गया है।

मामले में टीएस बघेल, डॉ. सचिन शर्मा, डॉ. मनीष पुरोहित, डॉ. शैलेश राय, डॉ. पूजा प्रपन्ना, डॉ. अक्षरादित्य शुक्ला, बायोमेडिकल इंजीनियर प्रेरक बंसोड़ और फार्मासिस्ट संजय उपाध्याय को गवाह बनाया गया है।

बता दें कि ईओडब्ल्यू ने साल 2025 में डॉ. घनघोरिया और उनकी पत्नी डॉ. शिखा घनघोरिया के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था। पांच अक्टूबर 2026 को दोनों से करीब पांच घंटे पूछताछ हुई। जांच समिति के पांच सदस्यों को भी बयान के लिए नोटिस दिए गए हैं। शिकायतकर्ता राकेश भाबर ने हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर की है। मामले में शासन और ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी हो चुके हैं और अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को है।

मुझे इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है

मुझे आरोपपत्र से जुड़ा न ही कोई मेल मिला है और न ही कोई पत्र मिला है। मुझे इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है। - डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज

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