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इंदौर जल संकट पर मुख्यमंत्री सख्त, अब सीएम कार्यालय से होगी मॉनिटरिंग, 24 घंटे काम करेगा जल नियंत्रण कक्ष

संभागायुक्त कार्यालय में जल संकट की समीक्षा बैठक लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तालाबों की चैनलों से सख्ती से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, ता...और पढ़ें

By prem jatEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 31 May 2026 10:48:39 PM (IST)Updated Date: Sun, 31 May 2026 10:48:39 PM (IST)
इंदौर जल संकट पर मुख्यमंत्री सख्त, अब सीएम कार्यालय से होगी मॉनिटरिंग, 24 घंटे काम करेगा जल नियंत्रण कक्ष
संभागायुक्त कार्यालय में मुख्यमंत्री ने की जल संकट की समीक्षा।

HighLights

  1. अवैध मोटर लगाकर पानी खींचने वालों की अब खैर नहीं
  2. कार्यालय की बैठक में सीएम ने दिए अभियान के निर्देश
  3. जल संकट की प्रतिदिन रिपोर्ट सीएम कार्यालय भेजनी होगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के जल संकट के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि तालाबों की चैनलों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रविवार को संभागायुक्त कार्यालय में जल संकट की समीक्षा बैठक लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तालाबों की चैनलों से सख्ती से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, ताकि जल स्रोतों की क्षमता बढ़ाई जा सके। साथ ही कहा कि शहर को राहत देने के लिए सरकार हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगी। जल संकट से जुड़ी रिपोर्ट प्रतिदिन सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने को भी कहा।

जल नियंत्रण कक्ष से होगी 24 घंटे निगरानी

मुख्यमंत्री ने जल संकट को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे जल नियंत्रण कक्ष के माध्यम से रोज सुबह-शाम जलापूर्ति की निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा संकटग्रस्त वार्डों में विशेष जलापूर्ति योजना लागू करें तथा प्रभावित इलाकों को प्राथमिकता के आधार पर राहत दी जाए।


जल वितरण में विसंगतियों पर जताई नाराजगी

नल सप्लाई के समय में असमानता और वितरण में विसंगतियों पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने सभी क्षेत्रों में संतुलित जल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सरकारी कॉलेजों, छात्रावासों और अन्य आवासीय संस्थानों में पानी की उपलब्धता को लेकर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कहीं भी पेयजल संकट की स्थिति नहीं बनने दी जाए।

पानी चोरों पर करें कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने पानी चोरी और मोटर लगाकर अवैध रूप से सप्लाई खींचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए अभियान चलाया जाए। पानी की प्रत्येक शिकायत की प्राथमिकता से जांच करें। पानी को लेकर अफवाह फैलाने वालों और भ्रामक जानकारी देने वालों की जांच कर सख्त कार्रवाई करें।

बड़ी टंकियों का पूरी क्षमता से करें उपयोग

मुख्यमंत्री ने बड़ी जल टंकियों का पूर्ण क्षमता से उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन लीकेज की तत्काल मरम्मत करें और नगर निगम व निजी टैंकरों की मिनट-टू-मिनट मॉनिटरिंग की जाए। जन प्रतिनिधियों और नागरिक समितियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने।

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मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

  • पानी को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई।
  • मोटर लगाकर पानी खिचने वालों पर होगी कार्रवाई।
  • 24 घंटे नियंत्रण कक्ष से होगी पानी सप्लाई की निगरानी।
  • पानी के टैंकरों की होगी मिनट-टू मिनट मॉनिटरिंग।
  • जल संकट की प्रतिदिन रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय भेजना होगी।